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चाहे कुछ भी हो जाए, मगर व्यूज चाहिए... वायरल होने की जिद कितनी खतरनाक?

सोशल मीडिया पर वायरल होने की जिद लोगों में इतनी बढ़ गई है कि अब कई बार लोग बिना सोचे समझें कुछ भी ऐसा कर देते हैं, जो उनकी मौत का कारण भी बन जाता है.

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इंस्टाग्राम पर वायरल होने के लिए लोग अजीब-अजीब कंटेंट बना रहे हैं.
इंस्टाग्राम पर वायरल होने के लिए लोग अजीब-अजीब कंटेंट बना रहे हैं.

रील्स के दौर में आपने देखते होंगे कि लोग वायरल होने के लिए कुछ भी कर रहे हैं. खतरनाक स्टंट और न्यूडिटी से लेकर अजीबोगरीब हरकतों का वायरल होने की जिद को पूरा करने में इस्तेमाल कर रहे हैं. कुछ इंफ्लुएंसर्स कीचड़ का पानी कर रहे हैं तो ट्रेन में खतरनाक स्टंट कर रहे हैं. वायरल होने की इस जिद का काल सच ये है कि इससे कई इंफ्लुएंसर्स की जान तक चली गई है और कुछ वायरल होने के बाद पछता रहे हैं. ऐसे में जानते हैं कि वायरल होने का नशा कैसे लोगों को प्रभावित कर रहा है... 

भारत में कितने इंफ्लुएंसर्स हैं?

अब भारत में इंफ्लुएंसर्स की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और बहुत बड़ी संख्या में लोग इंफ्लुएंसर्स बनने की रेस में स्ट्रगल कर रहे हैं. 2025 में आई एक रिपोर्ट में सामने आया था कि कुछ सालों में इंफ्लुएंसर्स की संख्या 322 फीसदी तक बढ़ गई है. रिपोर्ट के अनुसार, 2020 में 9.6 लाख इंफ्लुएंसर्स थे, जो संख्या 2024 में 40.6 लाख तक हो गई है. वहीं, एक रिपोर्ट में सामने आया कि भारत में करीब 2 से 2.5 मिलियन ऐसे इन्फ्लुएंसर हैं, जिनके एक हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं और उनमें से लगभग 50 प्रतिशत नैनो और माइक्रो इन्फ्लुएंसर हैं. 

2024 की यूट्यूब इंडिया-स्मिथगीगर रिपोर्ट बताती है कि 83% भारतीय पीढ़ी के युवा खुद को क्रिएटर मानते हैं. इन युवा क्रिएटर्स में से लगभग 75% कंटेंट को एक वास्तविक करियर विकल्प के रूप में देखते हैं. 

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वायरल होने से कमा रहे हैं पैसा?

वेव्स समिट 2025 में जारी बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में इन्फ्लुएंसर्स कंटेंट से अभी काफी कम पैसा कमा रहे हैं.  रिपोर्ट के अनुसार, सिर्फ 8-10 फीसदी इन्फ्लुएंसर्स ही अपनी क्रिएटिविटी से पैसा काम पाते हैं. ऐसे कई इन्फ्लुएंसर हैं जिनकी मासिक आय सिर्फ 18,000 रुपये तक है. 

कितनी महंगी पड़ रही है जिद?

वैसे तो रील्स के चक्कर में जान गंवाने वालों की संख्या काफी ज्यादा है. लेकिन, अगर कुछ महीनों की ही बात करें तो भारत में कई लोगों की रील्स की वजह से जान गई है. 
- 2026 की शुरुआत में ही हरियाणा में साला और जीजा की मौत हो गई थी, जो रेलवे ट्रैक पर रील्स बना रहे थे. इसी वक्त तेज रफ्तार ट्रेन आ गई, जिसकी चपेट में आने से दोनों की मौत हो गई. 
- इससे पहले रेलवे ट्रैक पर रील बनाते हुए महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में एक शख्स की मौत हो गई थी. 
-  कुछ महीने पहले गया जिले में  स्कूल से लौट रहे 9 छात्र रील बनाने के दौरान नदी में नहाने लगे. इसमें 5 बच्चों की मौत हो गई थी. 
- अक्टूबर में हिमाचल प्रदेश के मंडी में 22 साल का बीटेक स्टूडेंट बाइक से स्टंट कर रहा था. साथी रील बना रहे थे और शख्स की बैलेंस बिगड़ने से बाइक से गिरने पर मौत हो गई थी. 
- 2024 में 27 साल की एक इन्फ्लुएंसर लड़की रील बना रही थी, उसी दौरान कुंभे वाटरफॉल पर हादसा होने से महिला की मौत हो गई थी. 
- कुछ इंफ्लुएंसर्स की तो उस वक्त मौत हो गई, जब उन्होंने व्यूज के चक्कर में काफी ज्यादा खाना खा लिया. 
- कई बार ऐसे केस आए हैं, जिनमें देखने को मिला है कि इंफ्लुएंसर्स कुछ चैलेंज के चक्कर में ऐसी हरकत कर देते हैं कि उनकी जान चली जाती है. 

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इंफ्लुएंसर्स भी हैं परेशान...

दरअसल, जब तक वायरल होने की जिद में लाइक्स और व्यूज आते रहते हैं तो इंफ्लुएंसर्स भी काफी खुश रहते हैं. एक वीडियो को वायरल करने के चक्कर में इंफ्लुएंसर्स एक जैसे कई वीडियो बना रहे हैं. इसके अलावा कुछ ऐसे हैं, जिनके लिए वायरल होना भी मुसीबत बन गया है. 

- बिहार की वायरल रशियन गर्ल ने आजतक को बताया, 'हम वायरल होने से काफी परेशान हैं, क्योंकि लोगों का जितना प्यार मिला, उससे ज्यादा ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा. अक्सर आपके साथ फोटो क्लिक करवाने  या फिर वीडियो बनवाने की कोशिश करते हैं, आपके पास भीड़ रहती है और आप परेशान हो जाते हैं. हम अपनी दुकान चलाना चाहते हैं और वायरल होने की वजह से अब ऐसा नहीं कर पा रहे हैं. कई असामाजिक तत्व भी हमें परेशान करता है.'

- कंटेंट क्रिएटर मीशा अग्रवाल ने अपने 25वें जन्मदिन से ठीक पहले आत्महत्या कर ली थी. उनकी बहन ने बताया कि सोशल मीडिया पर अपने फॉलोअर्स की संख्या को लेकर बढ़ती चिंता के कारण मीशा की मानसिक सेहत कैसे बिगड़ती जा रही थी. 

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