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बेबी मंकी को आखिर मिल गया प्यार-दुलार! वायरल वीडियो ने लोगों की आंखें नम कर दीं

वायरल बेबी मंकी के जन्म लेते ही उसकी मां ने उसे अपने पास से अलग कर दिया, जो कई बार कम उम्र की या पहली बार मां बनने वाली मकाक में देखा जाता है. ऐसे में चिड़ियाघर के स्टाफ ने उसकी तन्हाई और असुरक्षा को कम करने के लिए उसे एक नरम ओरांगुटान खिलौना दिया, ताकि उसे सहारा और किसी अपने जैसा स्पर्श महसूस हो सके.

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अब इस मासूम की किस्मत ने करवट ले ली है (Photo:ITG)
अब इस मासूम की किस्मत ने करवट ले ली है (Photo:ITG)

सोशल मीडिया इन दिनों जिस बेबी मंकी की चर्चा से भरा हुआ है, वह छोटा सा पंच-कुन है. इंस्टाग्राम खोलते ही उसकी कहानी आपका ध्यान खींच लेती है.एक नन्हा बंदर, जो अपनी मां की गैरमौजूदगी में एक सॉफ्ट टॉय को ही अपना सहारा बना बैठा. जिस तरह वह उस प्लश टॉय से लिपटकर दिलासा ढूंढता था, लोग उसी में अपना बचपन, अकेलापन और अपनापन ढूंढ़ने लगे. रीलें बन रही हैं, पोस्ट शेयर हो रहे हैं, और पंच पूरे इंटरनेट पर प्यार पा रहा है.

लेकिन अब इस मासूम की किस्मत ने करवट ले ली है. हाल में सामने आए एक वीडियो ने कहानी का पूरा रंग बदल दिया. दावा किया जा रहा है कि पंच अब अपने समूह में जगह बनाने लगा है. वायरल फुटेज में एक वयस्क बंदर उसे अपनी बांहों में भर लेता है. यह वही पंच है, जिसे हफ्तों तक सिर्फ एक सॉफ्ट टॉय से चिपके देखकर दुनिया ने दुलार दिया था, और अब उसे असली परिवार जैसा स्पर्श मिल रहा है.

वायरल बेबी मंकी को मिला प्यार!

वीडियो साझा करने वाले एक्स (X) अकाउंट @डोनडा वाज टेकन ने लिखा-इतनी रिजेक्शन झेलने के बाद आज पहली बार पंच ने सच्चा सुकून महसूस किया. एक वयस्क बंदर ने उसे मजबूती से करीब खींच लिया.एक दूसरी क्लिप में वयस्क बंदर पंच को धीरे-धीरे ग्रूमिंग करता दिखाई देता है. प्राइमेट समाज में यह इशारा किसी इनाम से कम नहीं-यह स्वीकार्यता, भरोसा और सुरक्षा की भाषा है.

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लोगों की प्रतिक्रियाएं बता रही हैं कि पंच-कुन ने दिलों पर कब्जा कर लिया है.किसी ने लिखा, यकीन नहीं था कि एक बेबी मंकी को अपनाते देख मेरी आंखें नम हो जाएंगी.एक और यूजर बोला कि कल तक बेचैन था, आज पंच को देखकर दिल भर आया.

यह भी पढ़ें: खिलौने में मां को तलाशता मासूम बंदर… पीछे की कहानी ने लोगों को रुला दिया!

देखें वायरल वीडियो

 

क्या है वायरल मंकी की कहानी


इचिकावा सिटी ज़ू में 26 जुलाई 2025 को जन्म लेते ही उसकी मां ने उससे मुंह मोड़ लिया. देखभाल की जिम्मेदारी जू टीम पर आ गई. बच्चे को सहारा चाहिए था-कुछ जिसे वह पकड़ सके, गले लगा सके, जिसके साथ चैन से सो सके. तभी उसे एक बड़ा सा ओरंगुटान प्लश टॉय दिया गया.यह टॉय उसका दोस्त, मां की जगह और सुरक्षा सब कुछ बन गया.

कुछ समय बाद जब पंच को दूसरे बंदरों के बीच भेजा गया, तो माहौल उसके खिलाफ था. वह पास जाने की कोशिश करता, लेकिन दूसरे उसे भगाते. घबराया हुआ पंच फिर उसी टॉय के पास लौट आता.

उसके खिलौने से खेलने, उसे पकड़कर सोने और गले लगाने वाले वीडियो लोगों के दिलों तक पहुंच गए. कोई उसे गोद लेने की बात करता, कोई उसके लिए मदद की, और कोई तो बस उसे हिम्मत देता रहा.

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 पंच हमें क्या सिखा रहा है?

पंच की कहानी सिर्फ एक बंदर की नहीं है.यह हमारी अपनी भावनाओं का आईना है.अपनापन, स्पर्श, गले लगना.ये सिर्फ मनुष्यों की जरूरतें नहीं.हर जीव को प्यार चाहिए, सुरक्षा का अहसास चाहिए, और किसी का साथ चाहिए.पंच हमें याद दिला रहा है कि दुनिया वास्तव में प्यार से चलती है.और जहां प्यार मिल जाता है.वहां सबसे अकेला दिल भी फिर से जीवित हो उठता है.

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