आंध्र प्रदेश से सामने आई एक चौंकाने वाली घटना ने गिग वर्कर्स की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक आम फूड डिलीवरी लगभग जानलेवा हादसे में बदल गई, जब स्विगी Swiggy का एक डिलीवरी एजेंट चलती ट्रेन से उतरते वक्त प्लेटफॉर्म पर गिर गया.
क्या है पूरा मामला?
यह घटना अनंतपुर रेलवे स्टेशन की बताई जा रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, डिलीवरी एजेंट प्रशांति एक्सप्रेस में सवार हुआ था. ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच में बैठे एक यात्री ने ट्रेन फूड डिलीवरी फीचर के जरिए खाना ऑर्डर किया था.
Swiggy और Zomato जैसी कंपनियां यात्रियों को PNR नंबर के जरिए ट्रेन में खाना मंगाने की सुविधा देती हैं. हालांकि, यह सुविधा यात्रियों के लिए भले ही आसान हो, लेकिन इस घटना ने डिलीवरी एजेंट्स के सामने मौजूद जोखिम को उजागर कर दिया है.
1-2 मिनट के ठहराव में हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि अनंतपुर स्टेशन पर ट्रेन महज एक से दो मिनट के लिए रुकी. इस दौरान डिलीवरी एजेंट किसी तरह फर्स्ट एसी कोच में पहुंचा और यात्री को खाना सौंप दिया. लेकिन उतरने से पहले ही ट्रेन चल पड़ी. जल्दबाजी में उतरते वक्त एजेंट का संतुलन बिगड़ा और वह चलती ट्रेन से प्लेटफॉर्म पर गिर पड़ा.
इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें डिलीवरी एजेंट को तेजी से चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश करते और फिर प्लेटफॉर्म पर गिरते देखा जा सकता है.
देखें वायरल वीडियो
सोशल मीडिया पर गुस्सा और चिंता
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. कई लोगों ने रेलवे के कम ठहराव समय और फूड डिलीवरी सिस्टम पर सवाल उठाए.एक यूजर ने लिखा कि ट्रेनें घंटों लेट हो सकती हैं, लेकिन छोटे स्टेशनों पर पांच मिनट रुक नहीं सकतीं.ये सिस्टम की बड़ी विडंबना है.वहीं दूसरे ने कहा कि हमारी सुविधा के लिए गिग वर्कर्स रोज जान जोखिम में डालते हैं.
कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि यात्री खुद कोच के गेट पर खाना लेने क्यों नहीं आते. कई यूजर्स ने ट्रेन के अंदर डिलीवरी पर रोक लगाने की मांग की और कहा कि कोई भी डिलीवरी इंसानी जान से ज्यादा अहम नहीं हो सकती.
स्विगी का जवाब
वीडियो के वायरल होने के बाद Swiggy ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी. कंपनी ने कहा कि हमने इस घटना की जांच की है और यह पुष्टि कर सकते हैं कि डिलीवरी पार्टनर सुरक्षित है, उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई और उस पर किसी तरह की कानूनी कार्रवाई भी नहीं हुई. सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. हमारे नियमों के तहत चलती ट्रेन में चढ़ना या उतरना सख्त रूप से प्रतिबंधित है.
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि यात्रियों की सुविधा और डिलीवरी टाइमलाइन के दबाव में कहीं गिग वर्कर्स की सुरक्षा तो नजरअंदाज नहीं की जा रही?