कई बार अच्छी पढ़ाई, कड़ी मेहनत और सालों की तैयारी के बाद भी मनचाही नौकरी नहीं मिलती. जब किस्मत साथ न दे तो हालात कुछ और ही कहानी लिख देते हैं. ऐसा ही एक मामला सामने आया, जब Rapido की एक महिला यात्री को अपने राइडर की पढ़ाई के बारे में जानकर बड़ा झटका लगा. मैथ्स में MSc और B.Ed जैसी डिग्री होने के बावजूद युवक आज गुजारा चलाने के लिए रैपिडो चलाने को मजबूर है, जिसकी कहानी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई.
रैपिडो ड्राइवर की कहानी जानकर हर कोई हैरान
महिला ने अपनी पोस्ट में लिखा- Rapido की एक महिला यात्री को अपने राइडर की पढ़ाई के बारे में जानकर बड़ा झटका लगा. राइडर के पास मैथ्स में ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन (MSc) और B.Ed की डिग्री थी, लेकिन फिर भी वह गुजारा चलाने के लिए रैपिडो चला रहा है. साक्षी नाम की एक यूजर ने X (पहले ट्विटर) पर यह अनुभव शेयर किया. उन्होंने बताया कि ऑफिस से घर लौटते समय उन्होंने राइड बुक की थी. रास्ते में राइडर ने उनसे पूछा कि वह क्या काम करती हैं. जब साक्षी ने बताया कि वह नौकरी करती हैं, तो राइडर ने कहा कि वह अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए कोई भी काम ढूंढ रहा है और उनसे नौकरी के बारे में मदद मांगी.

6 साल तैयारी के बाद भी नहीं मिली नौकरी
इस बातचीत के बाद साक्षी ने उसकी पढ़ाई के बारे में पूछा. तब पता चला कि राइडर ने गणित में ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन और B.Ed किया है, उसने सरकारी शिक्षक बनने के लिए 5–6 साल तक तैयारी भी की, लेकिन नौकरी नहीं मिली. अब वह अपना खर्च चलाने के लिए रैपिडो चला रहा . साक्षी ने इस घटना के जरिए सवाल उठाया कि क्या सिर्फ कड़ी मेहनत, पढ़ाई और डिग्री लेने से सुरक्षित भविष्य की गारंटी मिलती है. उन्होंने कहा कि कई लोग सब कुछ सही करने के बाद भी अच्छी नौकरी नहीं पा पाते. पोस्ट पर कई लोगों ने अपने अनुभव भी शेयर किए हैं.
लोगों ने राइडर को दिए कई तरह के सुझाव
एक यूजर ने बताया कि उसने 6 साल तक अपनी कंपनी चलाई, लेकिन बाद में बंद करनी पड़ी और अब गुजारे के लिए दूसरी नौकरी कर रहा है. कुछ लोगों ने कहा कि हमेशा मेहनत की कमी नहीं होती, कभी-कभी सिस्टम में सभी के लिए मौके नहीं होते. कुछ यूजर्स ने सुझाव दिया कि राइडर निजी स्कूलों में नौकरी कर सकता था, जबकि कुछ ने कहा कि शिक्षा प्रणाली में कौशल विकास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता.