scorecardresearch
 

Video: करोड़ों की कार के बोनट पर घोला सीमेंट... फिर भरा सड़क का गड्ढा, लोग बोले- मार्केटिंग स्टंट है!

पोर्शे की बोनट पर सीमेंट घोलकर शख्स ने सड़क का गड्ढा भरा, वीडियो वायरल होते ही लोगों में बहस छिड़ गई—कोई इसे जिम्मेदारी और जागरूकता का संदेश बता रहा है, तो कोई इसे पेंट प्रोटेक्शन फिल्म का प्रमोशनल स्टंट कह रहा है; आखिर इस अनोखे तरीके के पीछे क्या है असली वजह?

Advertisement
X
बेंगलुरु के एक शख्स ने अपनी कार के बोनट पर सीमेंट मिलाकर सड़क का गड्ढा भरा. (Photo:Insta/@akhilhemadri)
बेंगलुरु के एक शख्स ने अपनी कार के बोनट पर सीमेंट मिलाकर सड़क का गड्ढा भरा. (Photo:Insta/@akhilhemadri)

क्या आपने कभी किसी को अपनी लग्जरी कार पर सीमेंट मिलाकर सड़क का गड्ढा भरते देखा है? बेंगलुरु में ऐसा ही एक वीडियो सामने आया है, जिसने इंटरनेट पर हलचल मचा दी है.

वीडियो में एक शख्स लाल रंग की पोर्शे कार रोकता है, फिर उसके बोनट पर ही सीमेंट और पानी डालकर घोल तैयार करने लगता है. इसके बाद वही घोल उठाकर सड़क के गड्ढे में डाल देता है. पहली नजर में यह नजारा चौंकाने वाला है, क्योंकि ऐसा लगता है कि वह अपनी महंगी कार को नुकसान पहुंचा रहा है.भारत में पोर्शे कार की कीमत लगभग 90 लाख रुपये से लेकर 3.8 करोड़ रुपये तक होती है.

लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती. कुछ ही देर बाद वीडियो में ट्विस्ट आता है. शख्स कार के बोनट से एक पारदर्शी परत हटाता है और पता चलता है कि कार पर लगा पेंट पूरी तरह सुरक्षित है. दरअसल, यह पेंट प्रोटेक्शन फिल्म (PPF) थी, जिसने कार को नुकसान से बचा लिया.

मैसेज या मार्केटिंग?

Advertisement

वीडियो शेयर करने वाले शख्स ने कैप्शन में लिखा कि हर व्यक्ति को अपने आसपास की जिम्मेदारी लेनी चाहिए. उनका कहना है कि इतने बड़े देश में सिर्फ सरकार सब कुछ ठीक नहीं रख सकती, लोगों को भी आगे आना होगा.

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

A post shared by Akhil Yadav (@akhilhemadri)

लेकिन यहीं से बहस शुरू हो गई. कई लोगों ने इसे जागरूकता फैलाने वाला कदम बताया, तो कुछ ने इसे सीधा-सीधा प्रमोशनल स्टंट कह दिया.

सोशल मीडिया पर बंटी राय

वीडियो पर यूजर्स के अलग-अलग रिएक्शन सामने आए. कुछ लोगों ने कहा कि मैसेज अच्छा है, लेकिन ऐसा करना जरूरी नहीं होना चाहिए. वहीं कुछ ने इसे 'क्रिएटिव तरीका' बताते हुए सराहा.दूसरी तरफ कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि यह समाज सेवा कम, विज्ञापन ज्यादा लग रहा है.कुछ लोगों ने यह भी पूछा कि क्या इस तरह भरा गया गड्ढा लंबे समय तक टिक पाएगा या नहीं.

आखिर सच क्या है?

यह वीडियो एक तरफ जिम्मेदारी का संदेश देता है, तो दूसरी तरफ मार्केटिंग का एंगल भी साफ दिखाता है. अब यह लोगों पर है कि वे इसे समाज सेवा मानें या स्मार्ट प्रमोशन.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement