scorecardresearch
 

‘PM की अपील अलग, कंपनियों की जिद अलग!’ WFH पर सोशल मीडिया में चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'वर्क फ्रॉम होम' सुझाव के बाद सोशल मीडिया पर नई बहस छिड़ गई है. पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईंधन बचाने की अपील के बीच पीएम मोदी ने लोगों से जहां संभव हो घर से काम करने की सलाह दी थी. इसके बाद इंटरनेट पर मीम्स और पोस्ट वायरल होने लगे.

Advertisement
X
हैदराबाद के सिकंदराबाद में जनसभा को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Photo:PTI)
हैदराबाद के सिकंदराबाद में जनसभा को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Photo:PTI)

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बयान ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है. हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने लोगों से ईंधन की बचत करने, विदेश यात्राएं कम करने और जरूरत पड़ने पर वर्क फ्रॉम होम अपनाने की अपील की. उनके भाषण के बाद इंटरनेट पर सबसे ज्यादा चर्चा 'वर्क फ्रॉम होम' वाले सुझाव को लेकर देखने को मिली.

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपनी जरूरत का 88 प्रतिशत से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है. ऐसे में मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए लोगों को पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल कम करना चाहिए. उन्होंने मेट्रो में सफर करने, कारपूलिंग अपनाने और जहां संभव हो वहां घर से काम करने की सलाह दी.

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कोरोना काल का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान देश ने ऑनलाइन मीटिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और वर्क फ्रॉम होम जैसी व्यवस्थाओं को अपनाया था. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर इन तरीकों को दोबारा अपनाना राष्ट्रीय हित में हो सकता है.

हालांकि इंटरनेट पर लोगों का सबसे ज्यादा ध्यान इसी बात ने खींचा. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और LinkedIn पर कई यूजर्स ने मजेदार पोस्ट और मीम्स शेयर करने शुरू कर दिए. कुछ लोगों ने इसे कर्मचारियों के लिए राहत वाला सुझाव बताया, तो कुछ ने कंपनियों के रवैये पर सवाल उठाए.

Advertisement

एक यूजर ने लिखा कि ऑफिस जाकर उन लोगों को देखने से अच्छा है घर से काम कर लिया जाए, जिन्हें देखना भी नहीं चाहते.

 वहीं दूसरे यूजर ने कहा कि पीएम मोदी ने वर्क फ्रॉम होम की बात तो कही, लेकिन कंपनियां अभी भी कर्मचारियों को ऑफिस बुलाने पर अड़ी हुई हैं.


कई आईटी प्रोफेशनल्स ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी. एक पोस्ट में कहा गया कि आईटी सेक्टर में रिमोट वर्क पहले भी प्रभावी साबित हो चुका है और इससे प्रोडक्टिविटी पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ता. कुछ लोगों ने यह भी मांग की कि कंपनियों को फिर से हाइब्रिड मॉडल पर विचार करना चाहिए.

सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने यह भी कहा कि वर्क फ्रॉम होम सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि समय और पैसे की बचत का तरीका भी है. लोगों का मानना है कि इससे ट्रैफिक, ईंधन खर्च और रोजाना का तनाव कम हो सकता है.

कोविड-19 के बाद धीरे-धीरे खत्म होता दिख रहा वर्क फ्रॉम होम कल्चर अब एक बार फिर चर्चा में आ गया है. पीएम मोदी के बयान के बाद इंटरनेट पर लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या आने वाले समय में कंपनियां फिर से रिमोट या हाइब्रिड वर्क मॉडल को अपनाने पर विचार करेंगी?

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement