अमेरिका में अच्छी सैलरी और बेहतर सुविधाओं की खूब बातें होती हैं, लेकिन वहां की जिंदगी कितनी महंगी है, इसका एक रियल उदाहरण सामने आया है. भारतीय मूल के एनआरआई पार्थ विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया पर बताया कि आइस स्केटिंग के दौरान चोट लगने पर उन्हें इमरजेंसी रूम जाना पड़ा और इसका बिल इतनी महंगी पड़ा कि काफी पैसे जेब से खर्च हो गए. इनका अनुभव यह दिखाता है कि अमेरिका में कमाई तो अच्छी है, लेकिन एक छोटी-सी मेडिकल इमरजेंसी भी बड़ी खर्चीली हो सकती है.
पार्थ ने बताया कि आइस स्केटिंग के दौरान उन्हें चोट लग गई और उन्हें इमरजेंसी रूम (ER) जाना पड़ा. दर्द में होने के बावजूद उन्होंने एंबुलेंस नहीं बुलाई, क्योंकि उसका खर्च बहुत ज़्यादा होता है. वे खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल पहुंचे. वहां करीब डेढ़ घंटे इलाज चला. इलाज के लगभग तीन हफ्ते बाद उन्हें अस्पताल का बिल मिला. इसमें बताया गया कि बीमा कंपनी ने इलाज के लिए करीब 4,000 डॉलर (लगभग 3.6 लाख रुपये) पहले ही चुका दिए हैं, लेकिन इसके अलावा पार्थ को अपनी जेब से 1,800 डॉलर (करीब 1.5 लाख रुपये) देने होंगे.
सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया
पार्थ ने वीडियो में कहा- यही वजह है कि अमेरिका महंगा है और इसलिए यहां सैलरी भी ज़्यादा होती है. उनका कहना था कि अमेरिका में कमाई अच्छी है, लेकिन छोटी-सी मेडिकल इमरजेंसी भी बड़ा खर्च बन सकती है. इस वीडियो पर कई लोगों ने प्रतिक्रिया दी. किसी ने कहा कि इससे भारतीय डॉक्टरों की काबिलियत और सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं की अहमियत समझ आती है. वहीं एक यूजर ने लिखा- अमेरिका में सैलरी ज़्यादा है, लेकिन खर्च भी उतना ही ज़्यादा है. एक अन्य ने मजाकिया अंदाज में कहा- अमेरिका की नौकरी तब तक शानदार लगती है, जब तक ज़िंदगी बिल न भेज दे.
एनआरआई जिंदगी की सच्चाई
पार्थ ने एक अन्य बातचीत में बताया कि वे मूल रूप से जयपुर के रहने वाले हैं और फिलहाल एरिजोना में रहते हैं. उन्होंने लोगों को सलाह दी कि अमेरिका आने से पहले मज़बूत आर्थिक स्थिति होना बहुत ज़रूरी है. पार्थ पेशे से सिविल इंजीनियर और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं. उन्होंने कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट में मास्टर्स किया है और फिलहाल अच्छी कमाई कर रहे हैं. हालांकि उन्होंने यह भी माना कि अमेरिका में जिंदगी आसान है, लेकिन उन्हें भारत में अपने परिवार की बहुत याद आती है.