scorecardresearch
 

डॉक्टर निशा वर्मा कौन, जिनसे अमेरिकी सांसद ने 5 मिनट में 11 बार पूछा- क्या पुरुष प्रेग्नेंट हो सकते हैं?

अमेरिकी सीनेट की एक सुनवाई के दौरान भारतीय मूल की डॉक्टर निशा वर्मा और रिपब्लिकन सीनेटर जोश हॉली के बीच हुई बहस ने इंटरनेट पर हलचल मचा दी है. गर्भपात की गोलियों की सुरक्षा पर हुई सुनवाई में ‘क्या पुरुष गर्भवती हो सकते हैं’ जैसे सवाल ने सियासत-विज्ञान को लेकर बहस छेड़ दी.

Advertisement
X
सीनेटर जोश हॉली की डॉक्टर निशा वर्मा से बहस (फोटो- स्क्रीनग्रैब)
सीनेटर जोश हॉली की डॉक्टर निशा वर्मा से बहस (फोटो- स्क्रीनग्रैब)

अमेरिका में रहने वाली भारतीय मूल की प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ निशा वर्मा इन दिनों इंटरनेट पर चर्चा में हैं. यह चर्चा अमेरिकी सीनेट (सांसद) की HELP (स्वास्थ्य, शिक्षा, श्रम और पेंशन) समिति की सुनवाई के दौरान हुई तीखी बहस के बाद शुरू हुई. इस सुनवाई में गर्भपात की गोलियों की सुरक्षा पर चर्चा हो रही थी, जहां डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से गवाह के तौर पर निशा वर्मा पेश हुई थीं.

सुनवाई के दौरान रिपब्लिकन सीनेटर जोश हॉली ने उनसे सवाल किया कि क्या पुरुष भी गर्भवती हो सकते हैं. इस सवाल का सीधा जवाब देने के बजाय वर्मा ने कहा कि यह सवाल ध्रुवीकृत है और उन्हें यह स्पष्ट नहीं है कि इसका मकसद क्या है. उन्होंने सवाल के उद्देश्य पर असहमति जताई, जिसके बाद दोनों के बीच थोड़ी बहस भी हुई. हॉली का कहना था कि सवाल का उद्देश्य सिर्फ जैविक सच्चाई को सामने रखना था.

वायरल हो रहे 5 मिनट पांच सेकेंड के वीडियो में निशा से ये सवाल पूरे 11 बार पूछा गया. साथ ही कहा गया कि जवाब 'हां' या 'ना' में दीजिए.

निशा वर्मा प्रजनन स्वास्थ्य सलाहकार हैं और ‘फिजिशियंस फॉर रिप्रोडक्टिव हेल्थ’ से जुड़ी एक वरिष्ठ सदस्य हैं. उनका जन्म उत्तरी कैरोलिना में एक भारतीय अप्रवासी परिवार में हुआ था.

उन्होंने नॉर्थ कैरोलिना विश्वविद्यालय से मेडिकल की पढ़ाई की है. इसके बाद वह एक प्रमाणित प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ बनीं और जटिल परिवार नियोजन की उप-विशेषज्ञ के रूप में काम कर रही हैं. उनके पास जीवविज्ञान, मानवविज्ञान और सार्वजनिक स्वास्थ्य में भी डिग्रियां हैं.

फिलहाल निशा वर्मा एमोरी यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन में सहायक प्रोफेसर हैं और जॉर्जिया व मैरीलैंड में मरीजों का इलाज करती हैं.

एक स्त्री रोग विशेषज्ञ के रूप में उन्होंने गर्भपात और गर्भपात प्रतिबंधों से होने वाले नुकसान को लेकर जागरूकता फैलाने का काम किया है. वह गर्भपात प्रतिबंधों के प्रभाव पर कांग्रेस के सामने गवाही दे चुकी हैं. वर्तमान में उन्हें जॉर्जिया में छह सप्ताह के गर्भपात प्रतिबंध का उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था वाली महिलाओं पर असर समझने के लिए एक रिसर्च ग्रांट भी मिला है.

इसके अलावा, उन्होंने देशभर में डॉक्टरों को गर्भपात जैसे संवेदनशील मुद्दों पर प्रभावी और तथ्य-आधारित बातचीत के लिए प्रशिक्षित किया है. वह अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑब्स्टेट्रिशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट (ACOG) के साथ मिलकर चिकित्सकों और उनके संस्थानों को सहयोग भी देती रही हैं.
 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement