scorecardresearch
 

जहां बंद हैं वेनेजुएला के राष्ट्रपति... उस जेल में ऐसा क्या है कि उसे कहा जाता है 'धरती का नर्क'

अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला पर हमले के बाद वहां के राष्ट्रपति को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क ले आई है. न्यूयॉर्क के अदालत में मादुरो पर आरोप लगाए जाएंगे और उनपर सजा तय होगी. इससे पहले उन्हें जिस जेल में रखा गया है, उसे 'धरती का नर्क' कहा जाता है.

Advertisement
X
मादुरो को जिस जेल में रखा गया है उसे 'धरती का नर्क' कहा जाता है (Photo - AP)
मादुरो को जिस जेल में रखा गया है उसे 'धरती का नर्क' कहा जाता है (Photo - AP)

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन स्थित एक जेल में रखा गया है. उस जेल को 'धरती का नरक' कहा जाता है. यह जेल कैदियों के बीच मारपीट और दंगे के लिए कुख्यात है. जेल के अंदर ड्रग्स और फोन से लेकर हर उस चीज की तस्करी की जाती है जो प्रतिबंधित है. 

कई रिपोर्टों के अनुसार, इस जेल के अंदर के हालात काफी अमानवीय हैं. यहां बंद कैदियों से जानवरों जैसा सलूक होता है. उन्हें न तो बढ़िया खाना दिया जाता है और न उन्हें अच्छी चिकित्सा सुविधाएं मिलती है. ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जब कैदियों ने जज से खुद को इस जेल से दूर रखने की गुहार लगाई है और जज ने भी अपने फैसले में जेल के हालात को गंभीर बताया है.  

वेनेजुएला के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी अमेरिका के न्यूयॉर्क में एक जेल में हैं. उन पर नशीले पदार्थों से जुड़े आतंकवाद की साजिश समेत कई अपराधों का आरोप लगाया गया है. मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक,  ब्रुकलिन स्थित एक हिरासत केंद्र में रखा गया है. इसका नाम मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर (एमडीसी) है.  यह वही जेल है जहां पहले सैम बैंकमैन-फ्राइड जैसे हाई-प्रोफाइल कैदियों को रखा गया था. मादुरो शनिवार शाम 9 बजे से ठीक पहले हिरासत केंद्र पहुंचे थे.

Advertisement

कई हाईप्रोफाइल कैदियों का घर रह चुका है ये जेल
पूर्व क्रिप्टो कारोबारी सैम बैंकमैन-फ्राइड , जिन्हें धोखाधड़ी, गबन और आपराधिक साजिश के सभी सात मामलों में दोषी पाया गया था.  बैंकमैन को मृत यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के यौन तस्करी ऑपरेशन में सहायता करने के लिए दोषी ठहराया गया था. 

वहीं बदनाम रैपर पी डिडी जिनका असली नाम शॉन कॉम्ब्स है, वो भी  ब्रुकलिन के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर (एमडीसी)में रह चुके हैं.  अब वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस ब्रुकलिन भी इसी जेल में अपनी पहली अदालती पेशी का इंतजार कर रहे हैं जो अपनी खराब स्थितियों के लिए कुख्यात है.

बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के मुताबिक, इस जेल को 'धरती का नरक' कहा जाता है. ऐसा इसके अमानवीय हालात के लिए कहा गया है. इस जेल की खराब स्थितियों के लिए वर्षों से व्यापक आलोचना की जाती रही है. ब्रुकलिन का एमडीसी न्यूयॉर्क शहर में मुकदमे का सामना कर रहे कई हाई-प्रोफाइल प्रतिवादियों का घर रहा है. यूनाइटेड हेल्थकेयर के सीईओ ब्रायन थॉम्पसन की हत्या के मामले में मुकदमे की प्रतीक्षा करते हुए लुइगी मैंगियोनी को भी एमडीसी में रखा गया है. उन्होंने खुद को निर्दोष बताया है.

क्यों कहा जाता है इस जेल को नर्क
यह जेल हिंसा और अवैध चीजों की तस्करी के लिए जाना जाता है. मार्च में, ब्रुकलिन के फेडरल अभियोजकों ने जेल में हिंसा और प्रतिबंधित सामानों की तस्करी से जुड़े 12 अलग-अलग मामलों में 25 आरोपियों के खिलाफ आरोप लगाए थे.

Advertisement

पिछले साल, लीगल एड सोसाइटी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जेल में हिंसा, कैदियों की चिकित्सकीय उपेक्षा और ह्यूमन राइट का उल्लंघन और नागरिक अधिकारों के हनन का एक लंबे इतिहास पर दुख व्यक्त किया था.  रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा गया था कि यहां सर्दियों के दौरान हीटिंग की व्यवस्था नहीं होती है और खाने में कीड़े-मकोड़ों से भरे भोजन होते हैं.  

यह भी पढ़ें: वेनेजुएला के राष्ट्रपति की सिक्योरिटी में क्यों थे क्यूबा के एजेंट? कई मारे गए... समझिए पूरा गेम

2024 में, ब्रुकलिन के एक फेडरल जज ने 74 साल के कैदी को सजा सुनाते समय एक विशेष छूट दी थी. जज ने कैदी को एमडीसी से बचने में मदद की थी. इस वजह से वे सुर्खियों में आए थे. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, जज ने फैसला सुनाया था कि यदि कर धोखाधड़ी के दोषी 74 साल के व्यक्ति को एमडीसी में भेजा जाता है, तो वह अपनी सजा घर में नजरबंद रहकर काट सकते हैं.

पिछले कुछ वर्षों में, एमडीसी जेल में बंद लोगों के प्रति घोर उपेक्षा और दुर्व्यवहार की वजह से नर्क का पर्याय बन गया है. लीगल एड सोसाइटी ने पिछले साल जून में इस जेल की अमानवीय हालात पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ये बात कही थी. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement