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दशहरा से पहले दहशत में 'लंकाधिपति रावण'

लंकाधिपति रावण को कलियुग में संकट आ पड़ा है. वो भी चोरों से. जी हां, इस बात को हंसी में उड़ाने की जरूरत नहीं, हम सच कह रहे हैं. यकीन नहीं आता तो दिल्ली में रावण के घर तितारपुर जाकर देखिए. यहां इन दिनों रावण के पुतले और उन्हें बनाने वाले दोनों ही एक अजीब टेंशन में हैं. क्योंकि जो बात रावण ने भी नहीं सोची होगी. अब वो उनके साथ हो रही है.

लंकाधिपति रावण को कलियुग में संकट आ पड़ा है लंकाधिपति रावण को कलियुग में संकट आ पड़ा है

लंकाधिपति रावण को कलियुग में संकट आ पड़ा है. वो भी चोरों से. जी हां, इस बात को हंसी में उड़ाने की जरूरत नहीं, हम सच कह रहे हैं. यकीन नहीं आता तो दिल्ली में रावण के घर तितारपुर जाकर देखिए. यहां इन दिनों रावण के पुतले और उन्हें बनाने वाले दोनों ही एक अजीब टेंशन में हैं. क्योंकि जो बात रावण ने भी नहीं सोची होगी. अब वो उनके साथ हो रही है.

वेस्ट दिल्ली का तितारपुर एशिया का सबसे बडा पुतला मार्केट है. इसकी सबसे बडी पहचान रावण है. रावण ने ही तितारपुर को नाम दिया है, क्योंकि यहां उसके सबसे ज्यादा पुतले तैयार होते हैं. लेकिन यहां पर अब वह महफूज नहीं है. उसके पुतलों पर रात में धावा बोलने वाले बाइकर्स गैंग की नजर रहती है. ये गैंग रात 2.30 बजे से तड़के 4.30 बजे के बीच आकर पुतले लूट ले जाता है.

पुतला मेकर महेंद्र ने बताया कि यहां बाइकर्स ग्रुप में आते हैं और कभी रावण का चेहरा, कभी धड़ और कभी शरीर के बाकी हिस्से चोरी कर ले जाते हैं. ये गैंग पुतलों पर पेट्रोल डालकर आग लगा देता है. इसके बारे में पुलिस को कई बार बता दिया गया, लेकिन पुतले बचाने में उन्होंने भी कोई मदद नहीं की है. चूंकि उनकी आजीविका इससे जुड़ी हुई है, इसलिए वे लोग गैंग की इस करतूत से परेशान हैं.

बताते चलें कि 50 साल से लगने वाले एशिया के इस सबसे बड़े मार्केट में 5 से 80 फुट तक के रावण के पुतले बनते हैं. दिल्ली के साथ-साथ देश ही नहीं विदेशों में भी ऑर्डर पर जाते हैं, लेकिन अब यही रावण वाले बाइकर्स गैंग से बचाने की गुहार लगा रहे हैं. दुकानदारों का कहना है रात के समय बाइकर्स इस वारदात को अंजाम देकर निकल जाते हैं. उनकी इस हरकत की वजह अभी तक सामने नहीं आई है.

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