मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में एक किसान की बेवसी की तस्वीर सामने आई है जहां मजबूरी में एक किसान ने खेत में फसल उगाने के लिए अपने दो बेटों से ही बैल की जगह हल जुतवाया था. किसान का कहना है कि गरीबी में बैल के बीमार पढ़ने के बाद उसके पास इतने पैसे नहीं हैं कि वह उनका इलाज करा सके. लॉकडाउन की वजह से उनकी सब्जियों की फसल खराब हो गई जिससे उन्हें बहुत नुकसान हुआ है.
छिंदवाड़ा में सब्जी की फसल खराब होने के बाद किसानों को काफी नुकसान हुआ है जिसके बाद मजबूरी में छिंदवाड़ा के सांवले बाड़ी में रहने वाले किसान जयदेव दास ने अपने बेटों को ही बैल बनाकर हल में जुताई कर डाली. दरअसल, किसान खेत में दूसरी फसल के लिए खेत को तैयार कर रहा है. किसान जयदेव दास ने बताया कि उसके दो बैल हैं लेकिन एक बैल बीमार हो गया था और बैल का इलाज करा सके या नया बैल खरीद सके इसके लिए उनके पास पैसे भी नहीं थे.
कोरोना पर फुल कवरेज के लिए यहां क्लिक करें
इसलिए उन्होंने अपने बेटों को ही बैल बनाकर हल हल जुतवाया था क्योंकि फसल फिर से खेतों में लगानी थी. वहीं इस पर किसान के बेटों का कहना है कि माली हालत खराब है और फसल भी बर्बाद हो गई है. बाजार में सब्जी बिक नहीं रही है जिसके चलते उन्हें काफी नुकसान हुआ है. इसलिए अब खुद ही हल में बैल बनकर खेतों की जोत रहे हैं ताकि कुछ फसल उगा सकें.
किसान जयदेव के पास दो एकड़ जमीन है जिसमें सब्जियां उगाकर अपने परिवार का गुजर बसर कर रहा है. किसान जयदेव दास के दो बेटे हैं. एक का नाम राजेश और दूसरे का नाम देव है. दोनों ही बेटे मजदूरी करते है और पिता के साथ खेत में काम भी करते हैं.
देश-दुनिया के किस हिस्से में कितना है कोरोना का कहर? यहां क्लिक कर देखें
किसान जयदेव दास की जमीन नगरनिगम क्षेत्र में है. वहीं इस मामले में नगर निगम कमिश्नर राजेश शाही का कहना है कि शहरी इलाके में इनकी करीब ढाई एकड़ जमीन है और पक्का मकान है. हालांकि इनकी जो समस्या है लॉकडाउन की वजह से सब्जी की फसल बिक नहीं पा रही है जिसके चलते उनके सामने आर्थिक संकट आ गया.