लोग शांति और सुकून के लिए प्राकृतिक वादियों में जाते हैं. पहाड़ों पर, जंगलों में, झरनों के पास जाकर ध्यान लगाते हैं और खुद को इस नश्वर दुनिया से अलगकर एक आध्यात्मिक जुड़ाव महसूस करते हैं. लेकिन, जापान में सुकून के लिए लोग खुद को मृत्यु की अनुभूति के हद तक ले जा रहे हैं और इसके लिए ताबूत में सोकर घंटों ध्यान करते देखे जा रहे हैं. वहां यह अजीब ट्रेंड तेजी से पॉपुलर हो रहा है.
जापान के चिबा प्रांत में एक फ्यूनरल होम की अनोखी पेशकश अब जापान में शांति चाहने वालों के बीच नया ट्रेंड बनता जा रहा है. यहां कई फ्यूनरल होम ऐसे हैं जो लोगों को शांति और सुकून के पल बिताने और ध्यान लगाने के लिए 'कॉफीन मेडिटेशन' की सुविधा दे रहे हैं.
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ताबूत में लेटकर ध्यान लगाने का ट्रेंड जापान में काफी ज्यादा प्रचलित हो रहा है. ताबूत के अंदर ध्यान करने का ये ट्रेंड, लोगों को अपनी मृत्यु के बारे में सोचने या बस खुद को तरोताजा करने के लिए एक सुरक्षित उपाय लगता है. हालांकि, कुछ हद तक यह घुटन भरा भी होता है.
जापान में बढ़ रहा 'कॉफीन मेडिटेशन' का ट्रेंड
कॉफीन मेडिटेशन को बढ़ावा देने वाले वाले फ्यूनरल सेंटर्स का कहना है कि इस प्रकार का ध्यान उन लोगों के लिए उपयोगी है जो अपने मन को शांत करने के लिए अकेले समय बिताना चाहते हैं. यह लोगों को जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करता है. उन्हें मृत्यु की सच्चाई का अनुभव कराता है और जीवन की खूबसूरती का अहसास दिलाता है.
जापान के युवाओं में आत्महत्या की दर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई है. ऐसे में खुद के बारे में सोचने और नश्वरता और मृत्यु के बीच के संबंध और जीवन की खूबसूरती को समझने के लिए ताबूत में लेटकर ध्यान करने का ट्रेंड बढ़ गया है. इससे लोगों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ती है और इन सब चीजों के बारे में शांति से लोग सोच सकते हैं.
यह चलन आधिकारिक तौर पर इतना बड़ा हो गया है कि अलग-अलग व्यक्तित्वों के अनुरूप ताबूतों के विभिन्न विकल्प उपलब्ध हैं. अगर एक साधारण, लकड़ी का बक्सा आपके तंत्रिका तंत्र को शांत नहीं करता है, तो शायद आपको टोक्यो के हाल ही में खुले स्पा, मीसो कुकान कानोके-इन में मौजूद 'प्यारे ताबूत' अधिक सुकून देने वाले लगें.
ग्रेव टोक्यो नामक कंपनी द्वारा डिजाइन किए गए, रंग-बिरंगे ढंग से सजाए गए ये ताबूत एक ध्यान अनुभव को सुगम बनाने के लिए हैं, जहां आप मृत्यु के प्रति सचेत रहते हुए जीवन की सुंदरता को निहार सकते हैं, वो भी स्टाइलिश तरीके से.लोगों के पास यह विकल्प होता है कि वे अपने 30 मिनट के, 13 डॉलर के सेशन को कैसे आयोजित करना चाहते हैं. लोगों को खुले या बंद ताबूत का विकल्प मिलता है. इसके साथ ही शांत म्यूजिक, छत पर घूमने वाले वीडियो या पूर्ण शांति और स्थिरता का विकल्प भी होता है.
लोगों को मिलते हैं डिजाइनर ताबूत के ऑप्शन
टोक्यो की मशहूर डिजाइनर और ताबूत बनाने वाली मिकाको फ्यूज का कहना है कि अंत्येष्टि से जुड़ी वस्तुओं के प्रति उनका कल्पनाशील दृष्टिकोण लोगों को यह समझने में मदद करता है कि मौत उतनी डरावनी नहीं है, जितनी लगती है. लेकिन इसका उद्देश्य यह याद दिलाना भी है कि जीवन जीने लायक क्यों है. 2024 में, फ्यूज ने क्योटो विश्वविद्यालय में एक कार्यशाला का आयोजन किया, जिसमें उन्होंने छात्रों को एक ताबूत के अनुभव में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया, जिसका उद्देश्य मृत्यु के बारे में उनके विचारों को बदलना और जीने की इच्छा को प्रोत्साहित करना था.
फ्यूज के ताबूतों का अनुभव करने वाले कुछ छात्रों ने जापानी अखबार मैनिची को बताया कि यह सिमुलेशन खुद पर विचार करने और अपनी चिंताओं को दूर करने का एक अवसर था. इससे मृत्यु का भय गायब हो गया और मुझे जीने की एक मजबूत इच्छा महसूस हुई.
ताबूत में लेटने का सपोर्ट करने वालों का तर्क यह है कि विशेष रूप से मृत्यु का पूर्वाभ्यास करने से व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या के विचारों पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है. फ्यूज ने भी कहा कि मैंने कई लोगों को देखा है जिन्होंने ग्रेव टोक्यो के कॉफिन एक्सपीरियंस में भाग लिया है और उनके मन में मृत्यु के विचार कम हुए हैं या उनसे राहत मिली है.