एक टेस्ला मालिक ने दावा किया है कि कंपनी की ऑटोनॉमस ड्राइविंग तकनीक ने उसकी जान बचा ली, जब वह गाड़ी चलाते समय अचानक बेहोश हो गया. यह मामला तब और चर्चा में आ गया जब टेस्ला के सीईओ एलॉन मस्क ने खुद इस वायरल पोस्ट पर रिएक्शन दिया.
भारतीय मूल के ऋषि वोहरा नाम के व्यक्ति ने X पर पूरे मामले पर पोस्ट किया. उन्होंने लिखा कि कैसे एक साधारण ड्राइव अचानक भयावह अनुभव में बदल गई. उन्होंने बताया कि मेरी टेस्ला ने सचमुच मेरी जान बचा ली. सामान्य ड्राइव कुछ ही मिनटों में डरावनी हो गई. मैंने 17 घंटे से कुछ नहीं खाया था. दवा ली जिससे मुझे गंभीर एलर्जिक रिएक्शन हो गया.
वोहरा ने बताया कि उनकी हालत फ्रीवे पर गाड़ी चलाते समय तेजी से बिगड़ने लगी. उसी दौरान वह अपनी पत्नी से फोन पर बात कर रहे थे. उन्होंने लिखा कि मेरा शरीर अचानक जवाब देने लगा. मैं गाड़ी चलाते हुए बेहोश हो गया, वह भी उस समय जब पत्नी से बात कर रहा था.
कैसे काम आया टेस्ला का ‘फुल सेल्फ ड्राइविंग’ फीचर
ऋषि वोहरा के अनुसार, टेस्ला की ‘फुल सेल्फ ड्राइविंग’ सिस्टम ने ड्राइवर मॉनिटरिंग फीचर के जरिए तुरंत पहचान लिया कि वह बेहोश हो चुके हैं. उन्होंने बताया कि सिस्टम ने तुरंत गाड़ी की रफ्तार कम की. हैजर्ड लाइटें ऑन कीं और वाहन को सुरक्षित तरीके से सड़क के किनारे रोक दिया. सबसे खास बात किसी भी तरह की टक्कर नहीं हुई और सड़क पर मौजूद किसी और को भी खतरा नहीं हुआ.
जब वोहरा अचानक बात करना बंद कर देते हैं, तो उनकी पत्नी को खतरे का एहसास होता है. उन्होंने 'लाइफ 360' ऐप की मदद से इमरजेंसी सेवाओं को तुरंत अलर्ट किया. इमरजेंसी टीम उन्हें सिर्फ पांच मिनट में ढूंढ लेती है. राहत देने के बाद वाहन उन्हें ऑटोनॉमस मोड में अस्पताल ले जाता है.
देखें पोस्ट
वोहरा ने लिखा कि मैं खुद चलकर अंदर गया, एडमिट हुआ और रातभर मेरी स्थिति को स्थिर किया गया. आज मुझे डिस्चार्ज किया जा रहा है. मैं जिंदा हूँ, सेफ हूं और टेस्ला का आभारी हूं. उन्होंने अपनी पत्नी और टेस्ला की इंजीनियरिंग टीम दोनों को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सुविधा नहीं है, बल्कि जीवन बचाने वाली तकनीक है.
एलॉन मस्क का छोटा जवाब, बड़ी चर्चा
जब यह पोस्ट वायरल हुई, तो एलन मस्क ने इसे रीपोस्ट करते हुए बस इतना लिखा-ग्लैड यू आर ओके! उनका यह कमेंट 23 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका है.
सोशल मीडिया पर लोग इस घटना को लेकर अलग-अलग राय दे रहे हैं. कुछ इसे तकनीक की बड़ी उपलब्धि बता रहे हैं, तो कुछ इसे लेकर चिंता जाहिर कर रहे हैं. कई लोगों ने इसे भविष्य की कार सुरक्षा का बड़ा कदम बताया, जबकि कुछ ने कहा कि परिवार के लिए यह अनुभव बेहद डराने वाला रहा होगा.