scorecardresearch
 

36 लाख कमाई… फिर भी बच्चा नहीं! गुरुग्राम कपल का फैसला इंटरनेट पर वायरल

गुरुग्राम के एक कपल ने 36 लाख रुपये सालाना कमाई के बावजूद बच्चा न करने का फैसला लिया है. उनका कहना है कि महंगे घर, बढ़ती महंगाई और बच्चों की शिक्षा का खर्च उनके लिए बड़ी चुनौती है. इस घटना ने डबल इनकम, नो किड्स (DINK) ट्रेंड और बदलती शहरी सोच पर नई बहस छेड़ दी है.

Advertisement
X
शहरी जिंदगी की कड़वी सच्चाई. ( Photo: Pexels)
शहरी जिंदगी की कड़वी सच्चाई. ( Photo: Pexels)

आज के समय में बढ़ती महंगाई और ऊंचे खर्चों ने लोगों की जिंदगी के बड़े फैसलों को भी बदल दिया है. जहां पहले शादी के बाद बच्चा होना एक सामान्य बात मानी जाती थी, वहीं अब कई कपल इस पर दोबारा सोच रहे हैं. गुरुग्राम के एक कपल ने भी कुछ ऐसा ही फैसला लिया है, अच्छी खासी कमाई होने के बावजूद उन्होंने बच्चा न करने का निर्णय लिया, और इसकी वजह जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे. गुरुग्राम में रहने वाले एक दंपत्ति ने बच्चा न करने का फैसला लिया है, और इसकी वजह है बढ़ती महंगाई और खर्चे. इस दंपत्ति की सालाना कमाई करीब 36 लाख रुपये है, जो सुनने में काफी अच्छी लगती है.

कमाई ज्यादा, लेकिन खर्च उससे भी ज्यादा
पति हर महीने लगभग 2 लाख रुपये कमाते हैं और पत्नी 1 लाख रुपये कमाती हैं. लेकिन इसके बावजूद उनका कहना है कि वे अभी बच्चे का खर्च नहीं उठा सकते. इस बात को उनके रिश्तेदार हर्ष गुप्ता ने सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसके बाद यह मुद्दा चर्चा में आ गया. उन्होंने बताया कि कागजों पर तो यह दंपत्ति आर्थिक रूप से मजबूत लगता है, लेकिन असल जिंदगी में खर्च इतने ज्यादा हैं कि वे परिवार बढ़ाने से बच रहे हैं. कपल का कहना है कि गुरुग्राम जैसे शहर में एक अच्छा घर खरीदना बहुत मुश्किल हो गया है. उन्होंने बताया कि वे एक ठीक-ठाक 1BHK फ्लैट भी नहीं खरीद पा रहे हैं. ऐसे में उनका सवाल है कि जब वे खुद के लिए सही जगह नहीं ले पा रहे, तो बच्चे के लिए बेहतर माहौल कैसे देंगे.

Advertisement
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

A post shared by Harsh Gupta (@plotlandguide)

प्यार और परिवार से पहले आर्थिक सोच
इसके अलावा, बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी बहुत ज्यादा है प्राइवेट स्कूलों की फीस हर महीने 35,000 से 40,000 रुपये तक हो सकती है, जो उनके लिए संभालना मुश्किल है. यही कारण है कि उन्होंने अभी बच्चा न करने का फैसला लिया है. आजकल ऐसे कई शहरी कपल हैं, जो डबल इनकम, नो किड्स यानी DINK लाइफस्टाइल अपना रहे हैं. इसका मतलब है कि पति-पत्नी दोनों कमाते हैं, लेकिन बच्चा नहीं करना चाहते. वे अपनी कमाई को अपने करियर, यात्रा और बेहतर लाइफस्टाइल पर खर्च करना पसंद करते हैं.

अब परिवार बढ़ाने से पहले प्लानिंग जरूरी
इस मामले ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है. कुछ लोग इस फैसले को सही मानते हैं. उनका कहना है कि जब तक आप बच्चे को अच्छा जीवन और सुरक्षित भविष्य नहीं दे सकते, तब तक बच्चा नहीं करना चाहिए. वहीं कुछ लोग मानते हैं कि यह सोच गलत है और बाद में लोगों को इसका पछतावा हो सकता है. कुल मिलाकर, यह मामला दिखाता है कि आज के समय में बढ़ती महंगाई, घर की कीमत और शिक्षा का खर्च लोगों के फैसलों को काफी प्रभावित कर रहे हैं. इसलिए कई कपल अब सोच-समझकर ही परिवार बढ़ाने का निर्णय ले रहे हैं.

Advertisement

plotlandguide नाम के यूजर ने लिखा- जब 36 लाख रुपये सालाना कमाने वाला एक परिवार भी 1BHK फ्लैट और स्कूल फीस का खर्च उठाने में असमर्थ महसूस करता है, तो यह आय की समस्या नहीं है - बल्कि यह एक संरचनात्मक रूप से खराब रियल एस्टेट बाजार की समस्या है.

radhikax.ig ने लिखा- वह सही कह रहा है. लोगों को तभी बच्चे पैदा करने चाहिए जब वे एक स्थिर घर और जीवन प्रदान करने में सक्षम हों. स्थिर का मतलब यह नहीं है कि दोनों माता-पिता कमाते हों. स्थिर का मतलब है माता-पिता का मौजूद होना. आजकल ऐसे बच्चे हैं जो 5-6 साल की उम्र में पोर्नोग्राफी देखते हैं, 7 साल की उम्र में बलात्कार करते हैं और 10 साल की उम्र में हत्या कर देते हैं. ये अशिक्षित माता-पिता के गरीब बच्चे नहीं हैं, बल्कि सामान्य बच्चे हैं. बुरे बच्चे पैदा करने से बेहतर है कि बच्चे ही न हों.

sweetsony16 ने लिखा- मेरा एक दोस्त दिल्ली में रहता है और उससे कम सैलरी में दो बच्चों का पालन-पोषण करता है. बेशक, मैं दिल्ली की तुलना गुड़गांव से नहीं कर रहा हूं, लेकिन यह पोस्ट थोड़ी भ्रामक लग रही है. 3 लाख की कुल सैलरी बुरी नहीं है. बच्चे का पालन-पोषण करने के लिए आपको अपनी लाइफस्टाइल में थोड़ा बदलाव करना पड़ता है.  ishaansharma2198 ने लिखा- हाहा! मेरा एक दोस्त गुड़गांव में 2 बीएचके फ्लैट में रहता है और उसका किराया करीब 20,000 है. वो एक अच्छी सोसाइटी में रहता है (बहुत प्रीमियम नहीं, लेकिन बुरा भी नहीं) और वो अपने पहले बच्चे की उम्मीद कर रहा है. ये सब बातें तो सिर्फ इंस्टाग्राम पर ही अच्छी लगती हैं.

Advertisement

.

khushbooagarwal786 ने लिखा-बच्चे पैदा करना या न करना व्यक्तिगत पसंद है, मैं इस पर कोई राय नहीं दूंगा, लेकिन अगर आपकी घरेलू आय 3 लाख है और आपके परिवार में केवल दो लोग हैं, तो आप गुरुग्राम में 3 लाख में बच्चे का पालन-पोषण कर सकते हैं. मेरे पिताजी पहले गुरुग्राम में रहते थे, उनकी मासिक आय लगभग 1.3 लाख थी और कंपनी द्वारा आवास भी दिया जाता था, फिर भी वे गुजारा कर लेते थे. हां, हमारे पास ज्यादा बचत नहीं है क्योंकि मैं भी पीजी की पढ़ाई कर रहा हूं और पीजी की फीस बहुत ज्यादा है. इसलिए कृपया झूठ बोलना और बेवकूफी करना बंद करें कि आप हर महीने 3 लाख में बच्चे को स्वस्थ बचपन नहीं दे सकते... 

अगर आप घर पर माता-पिता को 20,000-30,000 रुपये भी दे रहे हैं, तो भी आप अपने बच्चे को सामान्य या अच्छा बचपन दे सकते हैं... मैं अपने एक दोस्त के भाई को जानता हूं जो 1.1 लाख कमाता है, उसकी पत्नी हाउसवाइफ है और बच्चा चौथी कक्षा में है, वह गुरुग्राम में शिफ्ट हो गया है और अभी भी गुजारा कर रहा है... 3 लाख दो लोगों के लिए बहुत बड़ी घरेलू आय है... और किराए पर रहने में कोई बुराई नहीं है, बहुत से लोग हैं या भारत की आधी से ज्यादा आबादी किराए पर रहती है... हां, अगर अगर आपको बच्चे नहीं चाहिए, तो यह आपकी निजी पसंद है. मुझे भी बच्चे नहीं चाहिए क्योंकि मैं उन्हें संभाल नहीं सकती. shivam.1804 ने लिखा- मुझे नहीं लगता कि मैं उतने पैसे से अपने खुद के खर्चे भी पूरे कर पाऊंगी, बच्चों के बारे में तो मैं सोच भी नहीं सकती.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement