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पोती ने बुजुर्ग दादा-दादी को पहली बार दिखाया समंदर, लहरें देख भावुक हुए चेहरे...वीडियो वायरल

मुंबई की एक महिला ने अपने बुज़ुर्ग दादा-दादी को पहली बार समंदर दिखाया, और उस भावुक पल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया

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दिव्या ने पीढ़ियों के फर्क पर भी बात की (Photos: @shortgirlthingss/instagram)
दिव्या ने पीढ़ियों के फर्क पर भी बात की (Photos: @shortgirlthingss/instagram)

हर इंसान का जिंदगी में सपना अलग होता है. किसी का सपना बड़ा घर होता है, किसी का सुकून भरी जिंदगी, तो किसी का बस एक बार समंदर देख लेना. ऐसा ही एक सपना जिंदगी के आखिरी पड़ाव पर पूरा हुआ, और उसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर लाखों लोगों को भावुक कर रहा है.

मुंबई की एक महिला ने अपने बुजुर्ग दादा-दादी को जिंदगी में पहली बार समंदर दिखाया. यह पल सिर्फ उनके परिवार के लिए नहीं, बल्कि हर उस इंसान के लिए खास बन गया, जिसने ज़िंदगी जिम्मेदारियों में गुजार दी. इस पूरे अनुभव का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

यह भावुक वीडियो इंस्टाग्राम पर दिव्या तावड़े ने शेयर किया है. पोस्ट के साथ उन्होंने लिखा कि यह कोई आम ट्रिप नहीं थी, बल्कि उस सपने को पूरा करने की कोशिश थी, जिसके बारे में उनके दादा-दादी ने पूरी ज़िंदगी सिर्फ सुना था, देखा कभी नहीं.दिव्या ने लिखा कि यह समुद्र या बीच की बात नहीं थी. यह उन्हें वो दिखाने की बात थी, जिसके बारे में उन्होंने पूरी जिंदगी सिर्फ सुना था.

उन्होंने बताया कि उनके दादा-दादी ने अपना पूरा जीवन ऐसे इलाकों में बिताया, जो समंदर से बहुत दूर थे. वहां जिंदगी का मतलब था मेहनत करना, जिम्मेदारियां निभाना और बच्चों के लिए बेहतर भविष्य बनाना.अपने सपनों को हमेशा पीछे छोड़कर.

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देखें वायरल वीडियो

जब दादा-दादी ने पहली बार देखा समंदर

दिव्या के मुताबिक, यह उनके दादा-दादी की जिंदगी का पहला मौका था, जब उन्होंने समंदर देखा. जैसे ही लहरें उनके पैरों तक पहुंचीं, दोनों ने हाथ जोड़कर नमस्कार किया. दिव्या लिखती हैं कि उस पल ने मुझे याद दिलाया कि सच्ची आस्था कैसी दिखती है. कुछ लम्हे हमेशा दिल में बस जाते हैं.

वीडियो को स्लो मोशन में शूट किया गया है, जिससे इसकी भावनाएं और गहरी हो जाती हैं. क्लिप में बुज़ुर्ग दंपति हाथों में हाथ डाले समंदर के किनारे खड़े नजर आते हैं, धीरे-धीरे पानी को अपने पैरों तक आते महसूस करते हुए, आंखों में हैरानी भी है सुकून भी है.

दिव्या ने पीढ़ियों के फर्क पर भी बात की. उन्होंने लिखा कि जहां उनके दादा-दादी की जिंदगी त्याग और कर्तव्य में गुजरी, वहीं हम खुशकिस्मत हैं कि शहरों में रहते हैं, जहां कभी भी, कहीं भी जाने की आजादी है.

वीडियो के कमेंट सेक्शन में इस इमोशन जाहिर किया.एक यूजर ने लिखा कि इसी लिए मैं इंटरनेट का बिल भरता हूं. दिल खुश और आंखें नम हो गईं.दूसरे ने कहा कि आंखों में आंसू आ गए. भगवान करे अब इन्हें किसी ख्वाहिश के लिए पूरी जिंदगी इंतजार न करना पड़े. वहीं किसी का कहना था कि कभी-कभी जिंदगी की सबसे बड़ी खुशी बस एक अधूरा सपना पूरा होना ही होती है.

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जैसे-जैसे यह वीडियो वायरल हो रहा है, लोग इसे कृतज्ञता, पीढ़ियों के त्याग और छोटे-छोटे सपनों की बड़ी खुशी की याद दिलाने वाला पल बता रहे हैं.

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