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जिंदा दफन होने का ऐसा डर, कब्र में भी बनवा ली खिड़की, अब देखने आते हैं लोग

क्लार्क स्मिथ इंग्लैंड में गंभीर रूप से टेपेफोबिया नाम की बीमारी से पीड़ित था. इस बीमारी की वजह से उन्हें जिंदा दफन होने का डर सताता था. अब उनकी कब्र पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है. लोग कब्र को देखते हैं और वहां कुछ सिक्का छोड़कर चले जाते हैं.

कब्र पर पर्यटक ने ली तस्वीर (सोशल मीडिया) कब्र पर पर्यटक ने ली तस्वीर (सोशल मीडिया)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • डॉक्टर को जिंदा दफन होने का था डर
  • मरने से पहले डॉक्टर ने अपने कब्र में बनवा ली थी खिड़की

आपने कभी कब्र में खिड़की देखी है क्या, आप सोच रहे होंगे भला ऐसा कोई क्यों करेगा लेकिन इंग्लैंड में सच में ऐसा हुआ है. 18वीं सदी के अंत में  डॉक्टर टिमोथी क्लार्क स्मिथ की मौत हुई तो उनके कब्र में एक खिड़की बनाई गई. ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि वो एक बीमारी से पीड़ित थे और उन्हें लगता था कि वो एक दिन जिंदा दफन हो जाएंगे.

क्लार्क स्मिथ इंग्लैंड में गंभीर रूप से टेपेफोबिया नाम की बीमारी से पीड़ित थे. इस बीमारी की वजह से उन्हें जिंदा दफन होने का डर सताता था. अब उनकी कब्र पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है. लोग कब्र को देखते हैं और वहां कुछ सिक्का छोड़कर चले जाते हैं.

न्यू हेवन, वरमोंट में एवरग्रीन सेमेट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष रोजर बोइस ने कहा, "उन्हें (स्मिथ) नीचे जमीन में देखे हुए कई साल हो गए हैं. मुझे पता है कि वह वहां दफन है और कांच की प्लेट लगी है.

बोइस ने कहा कि एक छोटी सी पहाड़ी के भीतर बनी कब्र में एक सीढ़ी भी है. उन्होंने कहा कि डॉक्टर के शव के साथ छेनी (औजार) को भी दफनाया गया था और इसके पीछे तर्क था कि अगर वह नीचे जाग गए तो उन्हें  बाहर निकलने में उससे मदद मिलेगी.

उनके कब्र पर लगी कांच की खिड़की से केवल कुछ इंच नीचे देखा जा सकता है. डॉ स्मिथ की कब्र पर बहुत सारे पर्यटक आते हैं. लोग न्यू इंग्लैंड के एक विचित्र शहर में इस अजीबोगरीब कब्र को देखने के लिए उत्सुक हैं.

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