डेवन वैंटरपूल नाम का एक शख्स अपने दांतों के दर्द और सूजन के नियमित चेकअप के लिए डेंटिस्ट के पास गया था. वहां जांच में पता चला कि उसके मसूड़े गंभीर रूप से सूजे हुए थे और उनसे खून बह रहा था. डेंटिस्ट के पास से आने के कुछ ही घंटों के बाद डेवन की हालत बिगड़ने लगी. उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. कुछ ही हफ्तों बाद, उनकी स्वास्थ्य समस्याएं बेकाबू हो गई और उनके शरीर के चार अंग काटने पड़े.
डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, डेवन की पार्टनर एलिसिया वाइल्डर का कहना है कि उन्हें उसी रात बाद में पता चल गया था कि डेवन के साथ कुछ बहुत गलत हो रहा है. शुरू में उनमें फ्लू जैसे लक्षण दिखाई दिए और जब उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो उन्हें दो दिन बाद इमरजेंसी वार्ड में भर्ती करना पड़ा.
एलिसिया का कहना है कि तब पता चला कि डेवन सेप्टिक शॉक में चला गया है और उसके महत्वपूर्ण अंग काम करना बंद करने लगे हैं. इसके बाद डॉक्टरों को संक्रमण से लड़ने और उसकी जान बचाने के लिए उसका पूरा दाहिना पैर, घुटने के नीचे का बायां पैर और दोनों हाथ काटने की परमिशन डॉक्टरों को देनी पड़ी.
एलिसिया एक अकाउंट्स पेएबल स्पेशलिस्ट हैं. उन्होंने अपनी बेटियों की देखभाल के लिए और डेवन के बढ़ते मेडिकल बिलों को कवर करने के लिए जरूरी फंड जुटाने के लिए एक गोफंडमी पेज बनाया है, क्योंकि डेवन काम करने में असमर्थ हैं. दो बच्चों की मां एलिसिया का कहना है कि वह शुक्रगुजार हैं कि उनका प्यार अभी भी उनके साथ है. हालांकि, डेवन की हालत अभी भी गंभीर है.
खून में बैक्टीरिया जाने से सेप्टिक शॉक में गया शख्स
डेवन के मामले में, जब डेंटिस्ट उसके मुंह की जांच कर रहा थे, तब उसके मसूड़े वास्तव में सूजे हुए थे और इसके कारण उसके मसूड़ों से खून बहने लगा. वैसे तो हर किसी के मुंह में बैक्टीरिया होते हैं, लेकिन डेवन के मामले में, बैक्टीरिया उसके मुंह में इसलिए प्रवेश कर गए क्योंकि उसके मसूड़ों में अंदर जाने के कई रास्ते बन गए थे.
एलिसिया बताती हैं कि डेंटिस्ट के पास से आने के बाद वह लगभग 45 मिनट के लिए घर से बाहर दुकान पर गई थीं और जब तक वह घर लौटीं, डेवन की हालत और बिगड़ चुकी थी. एलिसिया ने कहा कि जब मैं वापस आई, तब वह बुरी तरह कांप रहा था. उसने कहा कि मुझे नहीं पता कि मुझे क्या हो गया है, मुझे बहुत ठंड लग रही है और मैं कांपना बंद नहीं कर पा रहा हूं. उसे उल्टी हो रही थी और फिर उसे दस्त हो गए.
अस्पताल ले जाने के बाद बताया गया कि डेवन को सेप्टिक शॉक आया है. फिर डेवन को वेंटिलेटर पर रखा गया और वे कोमा में चले गए. इस दौरान उनके दिल की धड़कन दो बार रुक गई. इसके बाद, जब उनके अंगों ने काम करना बंद कर दिया, तो उन्हें एक कृत्रिम हृदय और फेफड़े के रूप में काम करने वाली लाइफ सपोर्ट मशीन पर रखा गया.
इस दौरान डेवन को पर्पुरा फुलमिनन्स नामक एक दुर्लभ जानलेवा जटिलता हो जाने के बाद त्वचा में नेक्रोसिस होने लगे. तब डॉक्टरों को उसकी जान बचाने के लिए उनके अंगों को काटना पड़ा.
डॉक्टर को काटने पड़े दोनों हाथ और पैर
एलिसिया ने कहा कि मुझे सचमुच उसकी जान बचाने के लिए डेवन के अंगों को काटने की अनुमति देने के लिए मजबूर होना पड़ा.जब आपकी मांसपेशियों के टिश्यू मर जाते हैं, तो वे एक विषैला पदार्थ छोड़ते हैं जो आपकी बाकी मांसपेशियों में फैल सकता है. यदि आप उसे नहीं रोकते हैं, तो आप फिर से सेप्टिक शॉक में चले जाएंगे और आपकी मृत्यु हो सकती है.
जब उसके हाथ गलने लगे, तो मैंने उसके हाथों की मालिश करने की कोशिश की, ताकि खून का प्रवाह फिर से शुरू हो सके. दुर्भाग्य से, इससे कोई फायदा नहीं हुआ. उसके हाथ काले और सख्त हो गए.एक समय ऐसा भी आया जब उन्होंने उसके दाहिने पैर से कुछ और मृत टिश्यू निकालने की कोशिश की और इससे स्थिति और बिगड़ गई और वह सेप्टिक शॉक के दूसरे दौर में चला गया.