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Cryptocurrency fraud: कहानी उस क्रिप्टोक्वीन की, जिसने अमीर बनने का सपना दिखा 30,000 करोड़ लूटे!

OneCoin fraud story: आज हम Cryptocurrency के नाम पर हुए सबसे बड़े फ्रॉड की कहानी बताने जा रहे हैं. खुद को क्रिप्टोकरेंसी की महारानी बताने वाली इस महिला ने दुनियाभर के लोगों को सपने दिखाए और 30,000 करोड़ रुपये के फ्रॉड को अंजाम दिया.

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रुजा इग्नातोवा (फाइल फोटो)
रुजा इग्नातोवा (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • क्रिप्टोकरेंसी OneCoin के फ्रॉड की कहानी
  • जानिए कैसे रुजा ने किया था इतना बड़ा फ्रॉड

क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) बुलंदियों के नए शिखर छू रही है. क्रिप्टोकरेंसी का मार्केट 190 ट्रिलियन रुपये का हो गया है. लेकिन आज हम Cryptocurrency  के नाम पर हुए सबसे बड़े फ्रॉड की कहानी बताने जा रहे हैं. खुद को क्रिप्टोकरेंसी की महारानी बताने वाली इस महिला ने दुनियाभर के लोगों को सपने दिखाए और 30,000 करोड़ रुपये के फ्रॉड को अंजाम दिया. 

सबसे बड़ी Cryptocurrency बनाने का ख्वाब दिखाया

मूल रूप से बुल्गारिया की रहने वाली रुजा इग्नातोवा पेशे से डॉक्टर थीं. बिटक्वॉइन (Bitcoin) की सफलता को देखने के बाद रुजा ने वनक्वॉइन लॉन्च किया था. रुजा का दावा था कि एक समय में वनक्वॉइन दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी हो जाएगी और लोग इससे कई गुना मुनाफा कमाएंगे.

अमेरिकी अदालत में चल रही सुनवाई

अमेरिकी एजेंसियों का कहना है कि OneCoin कंपनी ने दुनियाभर में करीब 30,000 करोड़ रुपये के फ्रॉड को अंजाम दिया. इससे जुड़े कुछ मामले की सुनवाई अभी चल रही है. एक केस में फ्लोरिडा के डेविड पाइक ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है. 61 वर्षीय डेविड पाइक ने मंगलवार को मैनहट्टन संघीय अदालत में हुई सुनवाई में बैंक धोखाधड़ी की साजिश रचने के आरोप में अपना दोष स्वीकार किया.

अभियोजकों ने कहा कि पाइक ने पूर्व लॉक लॉर्ड एलएलपी अटॉर्नी मार्क स्कॉट को धोखाधड़ी से 400 मिलियन डॉलर की मदद की. जनवरी में सजा सुनाए जाने पर पाइक को पांच साल तक की जेल का सामना करना पड़ता है. आइए जानते हैं कि क्या है क्रिप्टोकरेंसी वनक्वॉइन घोटाला और दुनिया को लुटने वाली क्रिप्टोक्वीन रुजा कौन हैं.

Cryptocurrency OneCoin scam

2016 में वनक्वॉइन को लेकर रुजा इग्नातोवा ने लंदन से लेकर दुबई समेत कई देशों में सेमिनार किए. हर सेमिनार में वह कहती थी कि एक दिन वनक्वॉइन बिटक्वॉइन को पीछे छोड़ देगा. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त 2014 से मार्च 2017 के बीच दुनिया भर के कई देशों से क़रीब चार अरब यूरो का निवेश वनक्वॉइन में हो चुका था.

रुजा लगातार सेमिनार करती जा रही थीं और निवेश की रफ्तार तेजी से बढ़ रहा था. खास बात है कि लोगों ने केवल रुजा की बातों में आकर निवेश किया, वरना वनक्वॉइन के पास वह ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी ही नहीं थी, जिस पर बिटक्वॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी काम करती हैं. रुजा ने वनक्वॉइन को ब्लॉकचेन से जोड़ने की कोशिश की, लेकिन वह नाकाम रहीं.

वनक्वॉइन का सबसे छोटा पैकेज 140 यूरो का था और सबसे बड़ा एक लाख 18 हज़ार यूरो का. लोगों से एक्सचेंज खोलने का वादा किया गया था, जिससे भविष्य में वह अपने वनक्वॉइन को डॉलर या यूरो में बदल सकेंगे. लोगों को इसका ही इंतजार था, क्योंकि उनके पैसे वनक्वॉइन की साइट पर कई गुना बढ़ते ही जा रहे थे.

15 अरब यूरो का फ्रॉड!

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, वनक्वॉइन में अगस्त 2014 से मार्च 2017 के बीच 4 अरब यूरो का निवेश किया गया था. कुछ लोगों का मानना है कि वनक्वॉइन में 15 अरब यूरो से ज़्यादा का निवेश हुआ होगा. इस बीच क्रिप्टोकरेंसी के समर्थक वनक्वॉइन के निवेशकों से जुड़ने लगे और उसकी सच्चाई बताने लगे.

अभी वनक्वॉइन के कई निवेशक सच्चाई नहीं जान पाए थे. इस बीच रुजा अपनी इस कमाई को नई-नई संपत्तियां खरीदने में लगा रही थीं. उन्होंने बुल्गारिया की राजधानी सोफ़िया और काला सागर के किनारे स्थित शहर सोज़ोपोल में लाखों डॉलर की संपत्ति खरीदी. रुजा को अक्टूबर 2017 में लिस्बन में एक कार्यक्रम में आना था.

रुजा आजतक लिस्बन नहीं पहुंची और वह लापता हो गईं. यानी वह क्रिप्टोरानी गायब हो गई, जिसने हजारों-लाखों निवेशकों को रातों-रात अमीर बनाने का सपना दिखाया था. इस मामले की जांच अभी चल रही है, लेकिन अभी तक रुजा के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है, कोई कहता है कि रुजा मर गई हैं तो कोई कहता है कि वह छिपी हुई हैं.

 

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