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विदेशी व्लॉगर्स जानबूझकर भारत की छवि बिगाड़ते हैं, कनाडियन महिला के दावे ने बढ़ाई बहस

एक कनाडाई महिला ने विदेशी कंटेंट क्रिएटर्स द्वारा भारत को पक्षपातपूर्ण तरीके से पेश किए जाने पर कड़ी नाराज़गी जताई है. उनका कहना है कि कई व्लॉगर्स जानबूझकर भारत की केवल नकारात्मक या अव्यवस्थित तस्वीरें दिखाते हैं.

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एक कनाडाई महिला के वीडियो ने सोशल मीडिया पर भारत की छवि को लेकर नई बहस शुरू कर दी है  (Photos: @venom1s/Instagram)
एक कनाडाई महिला के वीडियो ने सोशल मीडिया पर भारत की छवि को लेकर नई बहस शुरू कर दी है (Photos: @venom1s/Instagram)

एक कनाडाई महिला के वीडियो ने सोशल मीडिया पर भारत की ग्लोबल इमेज को लेकर नई बहस छेड़ दी है. इस महिला का कहना है कि विदेशी कंटेंट क्रिएटर्स भारत की कहानी को जिस तरीके से दिखाते हैं, वह न सिर्फ एकतरफा है बल्कि भारतीयों के खिलाफ बढ़ते वैश्विक भेदभाव को भी बढ़ावा देता है. उनका वीडियो X पर Venom नाम के यूजर ने साझा किया, जिन्होंने इस प्रवृत्ति को 'सेलेक्टिव स्टोरीटेलिंग' बताया.

वीडियो में महिला का मुख्य आरोप यह है कि कई विदेशी व्लॉगर्स भारत में आते हैं, लेकिन वे केवल उन जगहों को शूट करते हैं जो गरीबी, भीड़ या अव्यवस्था को दिखाती हैं. उनके मुताबिक, इन क्रिएटर्स का मकसद भारत की जटिलता, विविधता और सुंदरता को दिखाना नहीं होता बल्कि ऐसे नजारे चुनना होता है जो ज्यादा क्लिक ला सकें. उनका मानना है कि यह तरीका भारतीय लोगों के प्रति बढ़ते नस्लवाद की वजहों में से एक है.

उन्होंने कहा कि भारत को बार-बार एक ही फ्रेम में बांध दिया जाता है. वीडियो में वह बताती हैं कि कैसे पुरानी दिल्ली को पूरे भारत का प्रतिनिधित्व बताकर दिखाना एक 'टेरिबल' प्रैक्टिस है. उन्होंने कहा कि पुरानी दिल्ली भारत का सिर्फ एक छोटा और सीमित हिस्सा है, लेकिन सोशल मीडिया पर वही अक्सर पूरे देश की छवि बनकर उभरता है. उनके शब्दों में कि ये सोचना ही पागलपन है कि लोग पूरे भारत को पुरानी दिल्ली की एक सड़क से जोड़ देते हैं… ऐसा किसी और देश के साथ नहीं होता.

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देखेंं वायरल वीडियो

महिला ने यह भी बताया कि भारत यात्रा के दौरान वह दिल्ली के एक लग्जरी होटल में ठहरी थीं, जहां की सर्विस आउट ऑफ दिस वर्ल्ड थी. उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे सकारात्मक अनुभव क्यों कभी ट्रैवल इन्फ्लुएंसर्स द्वारा दिखाए नहीं जाते. उनका कहना है कि भारत में पहाड़, रेगिस्तान, बीच, रेनफॉरेस्ट और आधुनिक शहर सब कुछ मौजूद है, फिर भी यह तस्वीर शायद ही कभी सोशल मीडिया पर दिखाई देती है.

उन्होंने वियतनाम का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के बारे में सर्च करने पर 'worst street food' या अत्यधिक गरीबी से जुड़े वीडियो नहीं मिलते. उनका दावा था कि ये पैटर्न किसी और देश पर लागू नहीं होता है वो सिर्फ भारत पर.

लोगों ने क्या कहा

वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने खुलकर प्रतिक्रिया दी. कई यूजर्स ने माना कि समस्या सिर्फ विदेशी क्रिएटर्स की नहीं है. एक यूजर ने लिखा कि भारत के लोग भी अलग-अलग राज्यों के बीच एक-दूसरे पर टिप्पणी करते हैं और विदेशी व्लॉगर्स के कमेंट सेक्शन में अपनी-अपनी जगहों को प्रमोट करने लगते हैं. वहीं, एक अन्य यूजर ने कहा कि जब तक भारतीय लोग एकजुट नहीं होंगे, भारत की गलत छवि बदलना मुश्किल रहेगा.

कई लोगों ने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय क्रिएटर्स और टूरिज्म सेक्टर को सकारात्मक, वास्तविक और आधुनिक भारत को अधिक दिखाना चाहिए ताकि देश की सच्ची छवि दुनिया तक पहुंच सके.

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