करीब 20 साल पहले बना एक राजनीतिक कार्टून आज अचानक दुनिया की बड़ी खबर से जुड़ता दिख रहा है. सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिका के वेनेजुएला पर हमले का अंदाजा इतने साल पहले लगाया जा सकता था. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक पुराना कार्टून इसी ओर इशारा करता है. यह कार्टून साल 2007 में ब्राजील के मशहूर राजनीतिक कार्टूनिस्ट कार्लोस लातुफ ने बनाया था, जिसे अब लोग अमेरिका के एक्शन से जोड़कर देख रहे हैं.
इस कार्टून का नाम था क्राइम्स इन प्रोग्रेस. उस वक्त इसे अमेरिका की विदेश नीति पर तंज माना गया था, लेकिन आज इसकी चर्चा बिल्कुल अलग वजह से हो रही है. अमेरिका की हालिया सैन्य कार्रवाई के बाद लोग कह रहे हैं कि यह कार्टून किसी चेतावनी जैसा था.
ईरान भी है इस लिस्ट में
कार्टून में अंकल सैम व्हाइट हाउस में फोन पर बात करते दिखाई देते हैं. उनके सामने एक लिस्ट है, जिसमें उन देशों के नाम लिखे हैं, जहां अमेरिका पहले सैन्य दखल दे चुका है. इसके बगल में एक बॉक्स बना है, जिस पर लिखा है टू डू. इस बॉक्स में चार देशों के नाम दर्ज हैं-बोलिविया, वेनेजुएला, क्यूबा और ईरान. उस वक्त इसे अमेरिका विरोधी व्यंग्य समझा गया था, लेकिन आज वेनेजुएला पर हमले के बाद लोग कह रहे हैं कि इस सूची का एक नाम सच साबित हो गया.
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दरअसल, पिछले कई दिनों से अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव बना हुआ था. इसी बीच शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात अमेरिका ने वेनेजुएला में अचानक बड़ी सैन्य कार्रवाई कर दी. इस ऑपरेशन में अमेरिकी कमांडो वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लेकर देश से बाहर ले गए. पूरा मिशन करीब डेढ़ घंटे में खत्म कर दिया गया. इस दौरान राजधानी काराकास के कई इलाकों में बिजली गुल होने की खबरें भी आईं.
जैसे ही यह खबर सामने आई, कार्लोस लातुफ ने अपना 2007 का कार्टून दोबारा सोशल मीडिया पर शेयर किया. इसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया. हजारों लोग इसे देखने लगे और सवाल उठने लगे कि क्या यह महज संयोग है या फिर अमेरिका की नीतियों का एक तय पैटर्न पहले से साफ दिखाई देता रहा है.
अब चर्चा सिर्फ वेनेजुएला तक सीमित नहीं है. कार्टून की टू डू सूची में शामिल ईरान, क्यूबा और बोलिविया जैसे देशों को लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं. यही वजह है कि यह कहानी सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि राजनीति और समय के अजीब मेल के तौर पर देखी जा रही है.