केरल के तिरुवनंतपुरम की रहने वाली ट्रांसजेंडर जरा शेख को देश की एक प्रतिष्ठित मल्टीनेशनल कंपनी ने एचआर एग्जीक्यूटिव की पोस्ट दी है. उन्होंने हाल ही में टैक्नोपार्क में यूएसटी ग्लोबल कंपनी के ह्यूमन रिसोर्स डिपार्टमेंट में बतौर सीनियर एसोशिएट जॉइन किया.
यही नहीं जारा अगले दो सालों में लिंग परिवर्तन सर्जरी कराने के बारे में सोच रही हैं. पिछले साल जारा को ट्रांसजेंडर होने का पता चलने पर अबु धाबी से नौकरी छोड़ वापस इंडिया आना पड़ा था.
जारा के मुताबिक, अबू धाबी में उनकी लाइफ दुश्वार हो गई थी. काम के दबाव के अलावा, वहां के स्टाफ उनका मजाक उड़ाया करते थे. मुझे लिपस्टिक और आई लाइनर का इस्तेमाल करना अच्छा लगता है लेकिन वहां कंपनी में इनके इस्तेमाल पर रोक थी.
यही नहीं जारा ने खुदखुशी करने की भी सोचने लगी थी. मुझे मेरे मन मुताबिक जिंदगी जीने की इजाजत नहीं थी. साथ ही, अबु धाबी में स्टाफ मेरा मजाक भी बनाया जाता था.
जारा अगस्त 2016 में भारत वापस लौटी. वापस लौटकर उन्होंने कई मल्टीनेशनल कंपनियों में नौकरी के लिए अप्लाई किया था. लेकिन ट्रांसजेंडर होने के चलते उन्हें कही भी नौकरी नहीं दी गई.
ऐसे में उनके एक दोस्त ने उनकी मदद की और उन्हें यूएसटी ग्लोबल नाम की कंपनी में जॉब मिल गई. इस जॉब के लिए जारा ने तीन राउंड इंटरव्यू भी क्वालीफाई किया.
जारा ने केरल यूनिवर्सिटी से बॉटनी ग्रेजुएशन किया है. अपने पहले दिन का एक्सपीरियंस बताते हुए जारा कहती हैं कि मुझे डर लग रहा था कि लोग मेरे बारे में क्या सोचेंगे.
लेकिन मेरे नए ऑफिस में सहकर्मी दिलखोलकर उनका स्वागत कर रहे हैं. कंपनी की ओर से उन्हें बताया गया कि, वे लेडीज वाशरूम का इस्तेमाल कर सकती हैं.
जारा ट्रांसजेंडर के हितों के लिए काम करना चाहती हैं. जारा के मुताबिक मैं चाहती हूं मुझे देख अब दूसरी कंपनियां भी और ट्रांसजेंडर को अपने यहां जॉब दें.
इसके अलावा वह ट्रांसजेंडर्स के अधिकारों के लिए भी काम करना चाहती हैं. उनका कहना है कि, देश में ट्रांसजेंडर के लिए पुलिस डिपार्टमेंट, स्कूल, मेट्रो रेल डिपार्टमेंट और हर उस जगह एंट्री मिले जहां एक सामान्य महिला और पुरुष नौकरी करते हैं.