साउथ चाइना सी में चीन और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. इसका प्रमुख कारण दक्षिण चीन सागर में अमेरिकी नेवी का जोरदार शक्ति प्रदर्शन बताया जा रहा है. चीन ने अमेरिका को इस पर धमकी भी दी है और अपने मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स के जरिए इसे शक्ति का खुला प्रदर्शन बताया है. (तस्वीर - @USNavy)
2/7
साउथ चाइना सी में युद्धाभ्यास के दौरान परमाणु बम ले जाने में सक्षम अमेरिका के बमवर्षक विमान समेत कुल 11 फाइटर जेट ने विवादित क्षेत्र में उड़ान भरी. (तस्वीर - @USNavy)
3/7
इन सभी फाइटर जेट ने निगरानी विमानों के जरिए चीन को अपनी ताकत का एहसास कराया. इस दौरान यूएस नेवी के परमाणु युद्धपोत निमित्ज और रोनाल्ड रीगन जैसे दुनिया के सबसे बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर ने भी अभ्यास में हिस्सा लिया. (तस्वीर - @USNavy)
Advertisement
4/7
अमेरिकी फाइटर जेट की विवादित क्षेत्र में उड़ान से चीन बुरी तरह भड़क गया. वहां के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने इसे शक्ति का खुला प्रदर्शन बताया और अमेरिका को धमकी दी. ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि अमेरिका के किसी भी कार्रवाई पर पीएलए मुंहतोड़ जवाब देने के लिए इंतजार कर रही है. (तस्वीर - @USNavy)
5/7
ग्लोबल टाइम्स की तरफ से कहा गया है कि चीन के पास DF-21D और DF-26 "एयरक्राफ्ट कैरियर और किलर मिसाइल जैसे एंटी-एयरक्राफ्ट कैरियर हथियारों का जखीरा है. दक्षिण चीन सागर पूरी तरह से पीएलए की मुट्ठी में है; क्षेत्र में किसी भी अमेरिकी एयरक्राफ्ट करियर के खिलाफ कार्रवाई में PLA को खुशी मिलेगी. (तस्वीर - @USNavy)
6/7
ग्लोबल टाइम्स की धमकी भरे ट्वीट को रिट्वीट करते हुए यूएस नेवी की तरफ से कहा गया कि अमेरिकी नेवी इसके बाद भी उस क्षेत्र में तैनात रहेगी. चीनी नौसेना के युद्धाभ्यास के समय ही अमेरिका ने युद्धाभ्यास कर चीन को चुनौती दी है. (तस्वीर - @USNavy)
7/7
अमेरिका ने कहा है कि युद्धाभ्यास का मुख्य मकसद इस इलाके में हर देश को उड़ान भरने की आजादी, समुद्री इलाके से गुजरने की व्यवस्था का अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक संचालन करना और सहयोग देना है. (तस्वीर - @USNavy)