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भूलभुलैया नहीं, ये हैं दिल्ली की असली डरावनी जगहें, जहां हवाओं में भी है अनजाना साया!

दिल्ली की रौनक और ऐतिहासिक इमारतों के बीच कुछ ऐसे राज भी दफन हैं, जिन्हें सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे. दिल्ली के ये ठिकाने किसी फिल्मी हॉरर से कम नहीं हैं. यहां का सन्नाटा और अनजानी आहटें आज भी एक अनसुलझी पहेली बनी हुई हैं.

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यहां खंडहरों में आज भी सुनाई देती हैं सिसकियां (Photo: Pixabay)
यहां खंडहरों में आज भी सुनाई देती हैं सिसकियां (Photo: Pixabay)

दिल्ली का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में क्या आता है? वही पुरानी गलियां, आलीशान इमारतें और चांदनी चौक का चटपटा खान-पान. लेकिन क्या आपको पता है कि इसी शोर-शराबे वाली दिल्ली के सीने में कुछ ऐसे राज भी दफन हैं, जिन्हें सुनकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं. यह शहर सिर्फ बाजारों का नहीं है, बल्कि उन अनसुनी कहानियों का भी है जो सन्नाटे में सुनाई देती हैं. अक्सर लोग इन्हें महज अफवाह मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन इन जगहों पर पैर रखते ही आपको महसूस होगा कि कोई है जो साये की तरह आपके साथ चल रहा है. रूहानी ताकतों और रोमांच के शौकीनों के लिए तो ये जगहें किसी एडवेंचर से कम नहीं हैं. तो चलिए जानते हैं दिल्ली की उन 5 जगहों के बारे में, जहां आज भी अंजानी ताकतों का पहरा माना जाता है.

जमाली कमाली

महरौली के आर्कियोलॉजिकल पार्क में बसी इस जगह को दिल्ली की सबसे डरावनी जगहों में से एक माना जाता है. वैसे तो यहां दो सूफी संतों के मकबरे हैं, लेकिन कहा जाता है कि इन खंडहरों में आज भी रूहों का बसेरा है. यहां आने वाले लोग बताते हैं कि अचानक वहां की हवा बर्फीली हो जाती है और कानों में अजीब सी फुसफुसाहटें सुनाई देने लगती हैं. कई बार तो ऐसा अहसास होता है जैसे कोई अनजाना साया आपके बिल्कुल पीछे खड़ा हो. यही वजह है कि सूरज ढलते ही यहां का सन्नाटा इतना खौफनाक हो जाता है कि परिंदा भी पर नहीं मारता.

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खूनी नदी

दिल्ली के रोहिणी इलाके में बहने वाली इस नदी का नाम खूनी नदी ऐसे ही नहीं पड़ा. इसके पीछे एक खौफनाक इतिहास छिपा है. कहा जाता है कि सालों पहले इसके किनारे कई रहस्यमयी मौतें और कत्ल हुए थे. कहते हैं कि रात के सन्नाटे में इस नदी के पानी में एक अजीब सी खौफनाक लाल चमक दिखाई देती है, जिसे देख किसी के भी पसीने छूट जाएं. जो लोग यहां जाने की हिम्मत जुटाते हैं, उन्हें अक्सर हवा में डरावनी गूंजें और अंधेरे में हिलती हुई धुंधली आकृतियां नजर आती हैं. यहां का सन्नाटा इतना भारी है कि आपको अपनी ही धड़कनें सुनाई देने लगेंगी.

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अग्रसेन की बावड़ी

कनॉट प्लेस की ये बावड़ी दिन में तो फोटो खिंचवाने वालों से भरी रहती है, लेकिन रात होते ही यहां का माहौल एकदम डरावना हो जाता है. पुरानी कहानियों की मानें तो इस कुएं का काला पानी लोगों को अपनी तरफ खींचता था और उन्हें जान देने पर मजबूर कर देता था. आज भी लोग बताते हैं कि यहां कुएं के अंदर से किसी के चलने और फुसफुसाने की आवाजें आती हैं. जैसे-जैसे शाम ढलती है, यहां की गहरी सीढ़ियां किसी पाताल के रास्ते जैसी खौफनाक लगने लगती हैं. 

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भुली भाटियारी का महल

करोल बाग के पास बना यह पुराना महल अब एक खंडहर बन चुका है. कहते हैं कि यहां एक रानी की आत्मा आज भी भटक रही है, जिसे राजा ने धोखा दिया था और उसने यहीं दम तोड़ दिया था. लोग बताते हैं कि आज भी रात के वक्त यहां किसी औरत के रोने और सिसकियां लेने की आवाजें आती हैं.

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