त्योहारों का सीजन हो या किसी बड़े धार्मिक स्थल की यात्रा, सफर के दौरान भारी भीड़ का सामना करना आम बात है. लेकिन कभी-कभी यही भीड़ एक खतरनाक मोड़ ले लेती है और भगदड़ जैसे हालात पैदा हो जाते हैं. ऐसी स्थिति में अक्सर लोग घबराकर गलतियां कर बैठते हैं, जो जानलेवा साबित हो सकती हैं.
भीड़ के दबाव के बीच शारीरिक ताकत से कहीं ज्यादा आपका मानसिक संतुलन और सूझबूझ मायने रखती है. अहर आप भी किसी भीड़भाड़ वाले इलाके की यात्रा पर निकल रहे हैं, तो सुरक्षा के ये कुछ बुनियादी मगर 'लाइफ-सेविंग' तरीके आपके और आपके परिवार के लिए सुरक्षा कवच साबित हो सकते हैं.
भीड़ में फंसने पर अपनाएं ये 'सर्वाइवल' तकनीक
अगर आप अचानक भारी भीड़ के बीच खुद को घिरा हुआ पाएं, तो सबसे पहले घबराना बंद करें. अपने पैरों पर संतुलन बनाए रखें और भीड़ के विपरीत चलने की गलती कभी न करें. इसके अलावा, एक खास तकनीक जिसे 'बॉक्सर स्टांस' कहते हैं, उसे अपनाएं. इसमें अपने हाथों को सीने के सामने इस तरह रखें जैसे एक बॉक्सर रखता है, इससे फेफड़ों के पास पर्याप्त जगह बनी रहती है और दबाव बढ़ने पर भी सांस लेने में आसानी होती है.
अगर भीड़ का बहाव बहुत तेज है, तो उसके साथ बहते हुए धीरे-धीरे तिरछी दिशा में किनारे की ओर निकलने की कोशिश करें. ध्यान रहे, अगर भीड़ में आपका कोई सामान नीचे गिर जाए, तो उसे उठाने के लिए बिल्कुल न झुकें, क्योंकि ऐसी स्थिति में गिरना सबसे बड़ा खतरा है.
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पहले से रहें तैयार
किसी भी भीड़भाड़ वाली जगह, जैसे रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड पर पहुंचते ही सबसे पहले वहां के निकास द्वारों और आपातकालीन रास्तों पर नजर दौड़ाएं. इतना ही नहीं, अगर आपको महसूस हो कि भीड़ का दबाव बढ़ रहा है और घुटन होने लगी है, तो स्थिति और बिगड़ने का इंतजार न करें और तुरंत सुरक्षित बाहर निकल जाएं. यात्रा के दौरान हमेशा हल्का सामान रखें और बच्चों या बुजुर्गों का हाथ मजबूती से पकड़कर रखें. अफवाहों पर ध्यान न दें और अपनी सजगता बनाए रखें, क्योंकि भगदड़ के दौरान गलत सूचनाएं और ज्यादा डर पैदा करती हैं.
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सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षित सफर के नियम
बस या ट्रेन में सफर करते समय अक्सर लोग गेट के पास ही खड़े हो जाते हैं, जो बेहद खतरनाक है. भीड़ होने पर हमेशा अंदर की ओर जाने की कोशिश करें और दरवाजों को ब्लॉक न करें. यही नहीं, बस या ट्रेन के भीतर मजबूती से पोल या हैंडल को पकड़ें, लेकिन उन पर इस तरह न झुकें कि दूसरों के लिए जगह कम पड़ जाए. यदि भीड़ के बीच आप अपना संतुलन खोकर गिर जाते हैं, तो फौरन उठने की कोशिश करें. अगर उठना नामुमकिन हो, तो गेंद की तरह गोल बन जाएं और अपने दोनों हाथों से सिर को ढंक लें. यह पोजीशन आपके शरीर के सबसे नाजुक अंगों को चोट लगने से बचा सकती है.