त्रिवेणी संगम (Triveni Sangam) उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में स्थित एक बहुत पवित्र जगह है. यहां तीन नदियों गंगा, यमुना और सरस्वती नदी का संगम होता है. इसी कारण इसे “त्रिवेणी संगम” कहा जाता है. यह स्थान धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है. यहां हर 12 साल में कुंभ मेला का आयोजन होता है, जिसमें लाखों-करोड़ों श्रद्धालु स्नान करने आते हैं. माना जाता है कि यहां स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है.
संगम पर नदियों का रंग भी अलग-अलग दिखाई देता है. गंगा का पानी साफ और हल्का दिखाई देता है, जबकि यमुना का पानी थोड़ा हरा सा नजर आता है. सरस्वती नदी को अदृश्य (न दिखाई देने वाली) माना जाता है, जो नदी के तलहटी में बहती है.
यह जगह केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक रूप से भी खास है. देश के कई महान नेताओं की अस्थियां भी यहां प्रवाहित की गई हैं.
प्राचीन ग्रंथ ऋग्वेद (Rigveda) में भी इस संगम का महत्व बताया गया है. उसमें कहा गया है कि जो व्यक्ति उन दो नदियों के संगम पर स्नान करता है, वह स्वर्ग की प्राप्ति करता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदोई में गंगा एक्सप्रेस वे का उद्घाटन किया, जो मेरठ से प्रयागराज तक लगभग 594 किलोमीटर लंबा है और यात्रा समय को 6 घंटे तक कम करेगा. यह एक्सप्रेस वे पूर्व और पश्चिम यूपी को जोड़ते हुए धार्मिक स्थलों जैसे गढ़मुक्तेश्वर, कल्कि धाम, बेल्हा देवी धाम, चंद्रिका देवी शक्ति पीठ और त्रिवेणी संगम तक पहुंच को आसान बनाएगा.