पनीर (Paneer) भारतीय खानपान का एक अहम और लोकप्रिय हिस्सा है. यह दूध से बनने वाला एक पौष्टिक दुग्ध उत्पाद है, जिसे खासतौर पर शाकाहारी भोजन में प्रोटीन का प्रमुख स्रोत माना जाता है. भारत के लगभग हर क्षेत्र में पनीर का उपयोग अलग-अलग व्यंजनों में किया जाता है, जिससे यह स्वाद और सेहत दोनों के लिहाज से खास बन जाता है.
पनीर बनाने की प्रक्रिया आसान होती है. दूध को उबालकर उसमें नींबू का रस या सिरका मिलाया जाता है, जिससे दूध फट जाता है. इसके बाद मट्ठे को छानकर ठोस भाग को दबाया जाता है, जिससे पनीर तैयार होता है. घर पर बना पनीर ताजा और अधिक पौष्टिक माना जाता है, क्योंकि इसमें किसी तरह के प्रिजर्वेटिव नहीं होते.
पोषण की दृष्टि से पनीर बेहद लाभकारी है. इसमें उच्च मात्रा में प्रोटीन, कैल्शियम, फॉस्फोरस और विटामिन बी12 पाया जाता है. यह हड्डियों को मजबूत बनाने, मांसपेशियों के विकास और शरीर की ऊर्जा बढ़ाने में मदद करता है. बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए पनीर विशेष रूप से फायदेमंद माना जाता है. इसके अलावा यह वजन बढ़ाने या नियंत्रित करने दोनों में सहायक हो सकता है, बशर्ते इसे संतुलित मात्रा में खाया जाए.
भारतीय व्यंजनों में पनीर की विविधता देखते ही बनती है. शाही पनीर, पनीर बटर मसाला, कढ़ाई पनीर, पालक पनीर, मटर पनीर जैसे व्यंजन घरों से लेकर रेस्तरां तक खूब पसंद किए जाते हैं. आधुनिक खानपान में पनीर का उपयोग सलाद, सैंडविच, रोल और ग्रिल्ड डिशेज में भी किया जाने लगा है.
हालांकि पनीर के अत्यधिक सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि इसमें वसा की मात्रा अधिक होती है. संतुलित आहार के साथ सीमित मात्रा में पनीर का सेवन शरीर को आवश्यक पोषण प्रदान करता है.
