ओरैकल (Oracle Corporation) दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों में से एक है, जो खासतौर पर डेटाबेस सॉफ्टवेयर, क्लाउड सर्विस और एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी के लिए जानी जाती है. आज के समय में जब हर चीज डिजिटल हो रही है, Oracle जैसी कंपनियां डेटा को सुरक्षित रखने और उसे सही तरीके से इस्तेमाल करने में अहम भूमिका निभा रही हैं.
Oracle का सबसे बड़ा काम है डेटा को मैनेज करना. बैंक, कंपनियां, सरकारी विभाग, सभी अपने जरूरी डेटा को Oracle के सॉफ्टवेयर में सुरक्षित रखते हैं. इसके अलावा कंपनी क्लाउड सर्विस भी देती है, जिससे लोग अपने डेटा और ऐप्स को इंटरनेट के जरिए कहीं से भी एक्सेस कर सकते हैं.
हाल ही में Oracle चर्चा में है क्योंकि कंपनी ने अपने क्लाउड बिजनेस को तेजी से बढ़ाने के लिए बड़े निवेश और नए डाटा सेंटर की घोषणा की है. दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड की मांग बढ़ रही है, और Oracle इस मौके को पकड़ने में लगी है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Oracle कई देशों में अपने क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार कर रही है, जिससे कंपनियों को तेज और सुरक्षित सेवाएं मिल सकें. भारत में भी कंपनी अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही है, जिससे स्थानीय बिजनेस और स्टार्टअप्स को फायदा मिल रहा है.
Oracle की सबसे बड़ी ताकत उसका मजबूत डेटाबेस सिस्टम है. यह दुनिया के सबसे भरोसेमंद डेटाबेस प्लेटफॉर्म्स में गिना जाता है. इसके अलावा कंपनी AI, मशीन लर्निंग और ऑटोमेशन पर भी तेजी से काम कर रही है।
भले ही आम लोग सीधे Oracle का इस्तेमाल न करें, लेकिन बैंकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग, मोबाइल ऐप्स और सरकारी सेवाओं में Oracle की टेक्नोलॉजी काम करती है. यानी यह हमारी रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाने में मदद कर रही है.
ओरैकल के बाद अब मेटा बड़े स्तर पर छंटनी की तैयारी कर रही है, जिसमें आने वाले महीनों में करीब 16 हजार लोगों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ेंगी. मेटा सीईओ मार्क जकरबर्ग पहले ही कंफर्म कर चुके हैं कि अब वह AI पर फोकस बढ़ाएंगे और वहां पर बड़ी इनवेस्टमेंट करेंगे. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
Oracle Layoffs 2026: Oracle के अंदर जो सबसे बड़ा बदलाव आया है, वो है ऑटोमेशन. पहले एक बड़े डेटाबेस को संभालने के लिए पूरी टीम लगती थी, लोग अपडेट करते थे, सिक्योरिटी देखते थे, सिस्टम मॉनिटर करते थे. लेकिन अब कंपनी के पास ऐसे सिस्टम हैं जो खुद ही यह सब काम कर लेते हैं.
ओरेकल में छंटनी के बाद भारतीय कर्मचारियों को मिलने वाले पैकेज की जानकारी सामने आई है. इसमें अतिरिक्त सैलरी, गार्डन लीव और इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं शामिल बताई जा रही हैं. हालांकि कंपनी ने आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है, फिर भी यह मामला चर्चा में बना हुआ है.
इन दिनों अमेरिकी कंपनी ओरैकल काफी चर्चा में है. वजह ये है कि कंपनी 30 हजार लोगों को कंपनी से निकाल रही है. बताया जा रहा है कि सिर्फ भारत से ही कंपनी ने अब तक 12 हजार लोगों को निकाल दिया है. सवाल ये है कि ऐसा क्यों हुआ? सिर्फ AI ही है या वजह कुछ और भी है. आइए जानने की कोशिश करते हैं.
ओरैकल ने कई लोगों को नौकरी से निकाल दिया है और भारत में करीब 12 हजार लोगों को अपनी जॉब गंवानी पड़ी है. इसी बीच परप्लेक्सिटी के सीईओ अरविंद श्रीनिवास का एक बयान चर्चा में है और बहुत से लोगों ने उनके बयान की आलोचना भी की है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
Oracle कंपनी ने भारत में करीब 12 हजारों लोगों को बेरोजगार कर दिया है. इसी बीच AI कंपनी परफ्लेक्सिटी के सीईओ अरविंद श्रीनिवास का बयान चर्चा में है. उन्होंने कहा कि AI की वजह से अगर नौकरी चल गई है तो अपना बिजनेस शुरू करना चाहिए.
Oracle में 12 हजार जॉब कट्स के बीच AI के असर पर बहस तेज हो गई है. Perplexity के CEO ने नौकरी जाने पर बिज़नेस शुरू करने की सलाह दी, जिस पर मिक्स्ड रिएक्शन्स मिले. AI और रोजगार को लेकर नई चिंता और अवसर दोनों सामने आ रहे हैं.
अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनी औरकल (Oracle) इस वक्त लोगों की छंटनी को लेकर सुर्खियों में है. बताया जा रहा है कि भारत में 12 हजार लोगों को निकाल रही है ये कंपनी. इतना ही नहीं, 30 हजार लोगों की छंटनी का टारगेट है.
Oracle में global layoffs की खबर है, जिसमें भारत में 12 हजार कर्मचारियों पर असर पड़ सकता है. AI और data center पर बढ़ते खर्च के कारण कंपनी cost cutting कर रही है. हालांकि कंपनी की ओर से अभी तक आधिकारिक बयान नहीं आया है.
अमेरिकी टेक कंपनी Oracle ने बड़ी छंटनी की है. रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी ग्लोबल छंटनी कर रही है और इस फेज में सबसे ज्यादा भारतीय प्रभावित हुए हैं. 12 हजार लोगों की छंटनी में ज्यादातर भारतीय इंप्लॉइ ही बताए जा रहे हैं.