ऊटी (Ooty, Tamil Nadu), तमिलनाडु राज्य का एक प्रसिद्ध और खूबसूरत हिल स्टेशन है. यह नीलगिरि पहाड़ियों में लगभग 2,240 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और अपनी ठंडी जलवायु, हरी-भरी वादियों और औपनिवेशिक आकर्षण के लिए जाना जाता है. ऊटी को अक्सर “क्वीन ऑफ हिल स्टेशंस” कहा जाता है. इसे उधगमंडलम (Udhagamandalam) भी कहा जाता है,
ब्रिटिश काल में ऊटी को मद्रास प्रेसीडेंसी की ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में विकसित किया गया था. आज भी यहां की इमारतों, चर्चों और बंगलों में औपनिवेशिक शैली की झलक देखने को मिलती है. ऊटी का प्राकृतिक सौंदर्य हर मौसम में पर्यटकों को आकर्षित करता है, खासकर गर्मियों में जब दक्षिण भारत के अन्य हिस्सों में तापमान अधिक होता है.
ऊटी का प्रमुख आकर्षण ऊटी लेक है, जहां बोटिंग का आनंद लिया जा सकता है. इसके अलावा, बॉटनिकल गार्डन अपने दुर्लभ पौधों और रंग-बिरंगे फूलों के लिए प्रसिद्ध है. रोज गार्डन, डोड्डाबेट्टा पीक (नीलगिरि की सबसे ऊंची चोटी) और थ्रेड गार्डन भी देखने लायक स्थल हैं. ऊटी से कुन्नूर तक चलने वाली नीलगिरि माउंटेन रेलवे (टॉय ट्रेन) यूनेस्को विश्व धरोहर में शामिल है और यात्रा को यादगार बना देती है.
ऊटी चाय बागानों के लिए भी मशहूर है. यहां की बनी हुई चाय न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी पसंद की जाती है. स्थानीय बाजारों में होममेड चॉकलेट, मसाले और ऊनी कपड़े पर्यटकों के बीच खासे लोकप्रिय हैं.
संक्षेप में, ऊटी प्रकृति प्रेमियों, हनीमून कपल्स और परिवारों के लिए एक आदर्श पर्यटन स्थल है. शांत वातावरण, मनोरम दृश्य और सुहावना मौसम ऊटी को तमिलनाडु के सबसे आकर्षक हिल स्टेशनों में शामिल करता है.
चेन्नई के केझपाक्कम सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दिनदहाड़े हुई एक युवक की नृशंस हत्या ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. मैटरनिटी वार्ड तक घुसकर बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया. इस घटना को लेकर DMK सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला भी तेज हो गया है.