तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के केझपाक्कम सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब आधी नामक एक युवक की अस्पताल परिसर के भीतर ही बेरहमी से हत्या कर दी गई. आरोप है कि हेलमेट पहने तीन बदमाश मैटरनिटी वार्ड में घुस आए. आधी पर धारदार हथियारों से हमला कर मौके से फरार हो गए.
जानकारी के मुताबिक, आधी नामक युवक अस्पताल में एक महिला से मिलने आया था, जिसने हाल ही में बच्चे को जन्म दिया था. उसी दौरान बदमाशों ने उसे निशाना बनाया. वारदात के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई. अब तक हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं.
इस मामले को लेकर कहा गया है कि मारे गए आधी के खिलाफ पहले से 9 आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें एक हत्या का केस भी शामिल था. आरोप लगाया गया कि ऐसे आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों पर चौबीसों घंटे निगरानी होनी चाहिए थी. यदि ऐसा होता, तो दिनदहाड़े हुए इस जघन्य हत्याकांड को रोका जा सकता था.
इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं. आरोप है कि केझपाक्कम जैसे बड़े सरकारी अस्पताल में, जहां रोज हजारों मरीज आते-जाते हैं, पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं थे. यही वजह रही कि बदमाश मैटरनिटी वार्ड तक पहुंच गए. इतना ही नहीं लोगों की मौजूदगी के बीच हत्या के बाद आसानी से फरार हो गए.
इस घटना को लेकर PMK नेता अंबुमणि रामदास ने DMK सरकार पर सीधा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि अस्पताल, स्कूल और सार्वजनिक स्थान अब सुरक्षित नहीं बचे हैं. उन्होंने किंडी अस्पताल में डॉक्टर पर चाकू से हमले और तंजावुर सरकारी स्कूल में शिक्षक की हत्या का भी जिक्र किया.
अंबुमणि रामदास का आरोप है कि DMK शासन में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. हालात ऐसे हो गए हैं कि राज्य में औसतन हर दिन पांच हत्याएं हो रही हैं. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु और उसके लोगों की सुरक्षा के लिए DMK को सत्ता से हटाना जरूरी है.