नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) कांग्रेस (INC) की छात्र शाखा है, इसकी स्थापना 9 अप्रैल 1971 को हुई थी. इंदिरा गांधी ने राष्ट्रीय छात्र संगठन बनाने के लिए केरल छात्र संघ और पश्चिम बंगाल राज्य छात्र का विलय कर दिया (Established date of NSUI).
एनएसयूआई का सदस्य बनने के लिए, व्यक्ति की आयु 27 वर्ष से कम होनी चाहिए, वह एक भारत का नागरिक और छात्र होना चाहिए, किसी अन्य राजनीतिक संगठन का हिस्सा नहीं होना चाहिए और अतीत में किसी भी आपराधिक गतिविधि के लिए दोषी नहीं ठहराया गया हो. एनएसयूआई अपने सदस्यों को 'प्राथमिक सदस्य' और 'सक्रिय सदस्य' में वर्गीकृत करता है. एक सदस्य बनने वाले को एनएसयूआई सदस्यता के लिए आवेदन करना होता है, जिसके बाद संगठन की जांच प्रक्रिया होती है और बाद में उसे प्राथमिक सदस्य बनाया जाता है (NSUI Members).
डूसू प्रेसिडेंशियल चुनाव के नतीजों में धांधली और यूनिवर्सिटी प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाने वाले NSUI उम्मीदवार विजय शंकर मीणा को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली. कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि पहले विश्वविद्यालय की शिकायत निवारण कमेटी के समक्ष अपनी बात रहें. प्रक्रिया पूरी किए बिना सीधे कोर्ट आने पर जताई आपत्ति.
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 2026 में दीपांशु 100कीन (शौकीन) ने बिना किसी बड़े राजनीतिक घराने या पार्टी के समर्थन के उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल की. वे एक आम परिवार से आते हैं, जिनके पिता दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन में कॉन्ट्रैक्ट बेस पर कंडक्टर हैं. दीपांशु ने अपने संघर्ष और 'नंगे पैर' विरोध के जरिए छात्रों के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी. जानिए उनके बारे में...
दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में वोटिंग के लिए अब कुछ ही घंटे बचे हैं. इस बीच कैंपस में दो बड़े छात्र संगठन NSUI और ABVP हॉस्टल मुद्दे को लेकर आमने-सामने हैं. एक तरफ एनएसयूआई का आरोप है कि दिल्ली सरकार की 10 हजार हॉस्टल बेड की घोषणा का टाइमिंग चुनाव पर असर डालने के लिए है, वहीं एबीवीपी ने इस पर एनएसयूआई को करारा जवाब दिया है. पढ़ें- पूरी खबर...
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2026 में NSUI ने आदिवासी समुदाय से आने वाले विजय शंकर मीणा को अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया है. राजस्थान के साधारण परिवार से आने वाले मीणा सामाजिक न्याय और छात्र अधिकारों के मुद्दों पर जोर दे रहे हैं. आइए जानते हैं उनका चुनावी एजेंडा और पूरा बैकग्राउंड...
पूर्व वीसी नीरजा गुप्ता ने इन-चार्ज वीसी से अनुरोध भी किया है. उन्होंने कहा कि वे किसी भ्रामक प्रचार के जाल में न आएं और पूरे मामले में राज्य के उच्च शिक्षा मंत्रालय से उचित मार्गदर्शन लेकर ही निष्पक्ष कार्रवाई आगे बढ़ाएं. उन्होंने कहा कि वे हर सवाल का जवाब देने के लिए पूरी तरह उपलब्ध हैं.
दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा पर हुए एसिड अटैक को लेकर NSUI ने कड़ी नाराजगी जताई है. NSUI अध्यक्ष वरुण चौधरी ने कहा कि यह घटना कानून व्यवस्था की नाकामी दिखाती है और बीजेपी सरकार और दिल्ली पुलिस महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही है. संगठन ने अपराधियों की तुरंत गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग की है.
NSUI पदाधिकारी ने कहा कि कांग्रेस 10 मार्च से शुरू होने वाले एमपी विधानसभा के बजट सत्र में इस मुद्दे को उठाएगी. उन्होंने कहा कि अगर सरकार कार्रवाई नहीं करती है, तो एनएसयू पूरे एमपी में कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में विरोध प्रदर्शन करेगी.
ABVP Victory Reasons in DUSU Election 2023: शनिवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी को अपना नया छात्रसंघ पैनल मिल गया. तीन साल बाद हुए हाई वोल्टेज चुनाव, पिछला चुनाव 2019 में हुआ था और महामारी के कारण रुका हुआ था. इस साल एबीवीपी ने तीन पदों पर जीत हासिल की, एबीवीपी के तुषार डेढा ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की, एनएसयूआई के अभि दहिया ने उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल की और एबीवीपी की अपराजिता और सचिन बैसला ने क्रमशः सचिव और संयुक्त सचिव पद पर जीत हासिल की.