नारायण साईं (Narayan Sai), जिन्हें नारायण प्रेम साई के नाम से भी जाना जाता है, आसाराम के बेटे हैं (Son of Asaram). वह और उनके पिता बलात्कार और अन्य अपराधों के लिए जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं. साल 2013 में, गुजरात में दुष्कर्म के एक और मामले में भी आसाराम और उनके बेटे नारायण साईं को दोषी ठहराया गया है. गांधीनगर की सेशन कोर्ट ने आसाराम को शिष्या के साथ दुष्कर्म करने और उसे बंधक बनाने के मामले में दोषी माना है. जिस शिष्या ने आसाराम पर केस दर्ज करवाया था, उसकी बहन ने ही उनके बेटे पर भी दुष्कर्म का केस दर्ज करवाया था (Narayan Sai and Asaram accused). वह दो महीने तक गिरफ्तारी से बचता रहा और 4 दिसंबर 2013 को दिल्ली-हरियाणा सीमा पर दिल्ली, गुजरात, पंजाब और हरियाणा पुलिस के एक संयुक्त अभियान में पकड़ा गया.
साई पर अपने खिलाफ यौन शोषण के मामले को कमजोर करने या खारिज करने की भी कोशिश की. इस प्रयास में हिरासत में रखने वाले स्थानीय अधिकारियों को रिश्वत देने का भी आरोप लगाया गया था. नारायण साईं को 26 मई 2015 को सूरत जेल से अहमदाबाद में अपनी बीमार मां लक्ष्मी देवी की देखभाल के लिए अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया था.
26 अप्रैल 2019 को, नारायण साईं को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (बलात्कार), 377 (अप्राकृतिक अपराध), 323 (हमला), 506-2 (आपराधिक धमकी) और 120-बी (साजिश) के तहत सूरत कोर्ट ने दोषी ठहराया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी. साथ ही, उसपर पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया (Narayan Sai convicted under Indian Penal).
नारायण साई का जन्म 29 जनवरी 1972 को गुजरात के अहमदाबाद में हुआ था (Narayan Sai Born).
गुजरात हाई कोर्ट ने नारायण साई की उम्रकैद की सजा निलंबित करने की याचिका खारिज कर दी. कोर्ट ने कहा कि साई अपील की सुनवाई में सहयोग नहीं कर रहे और देरी की रणनीति अपना रहे हैं. 2013 के रेप केस में 2019 में उन्हें उम्रकैद मिली थी और वह सूरत जेल में बंद हैं. कोर्ट ने माना कि सुनवाई में देरी के लिए खुद साई जिम्मेदार हैं. उनकी अपील की अगली सुनवाई 12 जून को तय की गई है.
इंदौर फैमिली कोर्ट ने रेप केस में सजा काट रहे नारायण साईं और जानकी देवी के बीच चल रहे तलाक के मामले में अहम फैसला सुनाया है. साल 2018 में जानकी देवी ने तलाक की अर्जी दायर की थी. उस दौरान कोर्ट ने नारायण साईं को 50 हजार रुपए हर महीने बतौर मेंटेनेंस देने का आदेश दिया था. इसके बावजूद नारायण साईं ने पैसे नहीं दिए.
इंदौर की फैमिली कोर्ट ने नारायण साईं और जानकी देवी के तलाक को मंजूरी देते हुए 2 करोड़ रुपये एलुमनी का आदेश दिया. 2008 में शादी के बाद 2013 से दोनों अलग थे. पत्नी ने परित्याग और अन्य संबंधों के आरोप लगाए. धारा 125 के तहत 50 हजार मासिक भरण-पोषण और करीब 50 लाख बकाया की वसूली भी जारी है. मामले में आगे हाई कोर्ट जाने की संभावना है.
आसाराम बापू के बेटे नारायण साईं ने दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा के खिलाफ गुजरात हाईकोर्ट में नई जमानत याचिका दाखिल की है. 12 साल जेल में बिताने के बाद उसने अपील लंबित रहने तक रिहाई की मांग की है. कोर्ट इस याचिका पर 26 फरवरी को सुनवाई करेगा.
बलात्कार के मामले में सूरत की लाजपोर जेल में सजा काट रहे आसाराम के बेटे नारायण साई की बैरक से एक मोबाइल और SIM कार्ड बरामद हुआ है. पुलिस ने बताया कि नारायण साई ने मोबाइल को लोहे के दरवाजे के पीछे चुंबक से चिपका रखा था और सिम को इनहेलर में छिपा रखा था. जेल प्रशासन की शिकायत के आधार पर पुलिस ने नारायण साई के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.
आसाराम और नारायण साई दोनों यौन शोषण के अलग-अलग मामलों में अहमदाबाद कोर्ट से उम्रकैद की सजा पाए हुए हैं. आसाराम को जोधपुर कोर्ट ने भी एक नाबालिग छात्रा के साथ यौन शोषण मामले में दोषी ठहराया था.
गुजरात में यौन शोषण के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा नारायण साईं पांच दिन की पैरोल पर जोधपुर पहुंचा है. उसने गुजरात हाईकोर्ट से पिता आसाराम से मिलने की अनुमति मांगी थी, जिसे मंजूर कर लिया गया. आसाराम भी यौन शोषण के मामले में सजा काट रहा है और वर्तमान में स्वास्थ्य कारणों से जोधपुर आश्रम में इलाज के लिए जमानत पर है. 11 साल बाद बाप-बेटे की मुलाकात के दौरान दोनों भावुक हो गए.