मंगलदै (Mangaldai) असम राज्य के दरांग जिले का मुख्यालय है और ब्रह्मपुत्र घाटी के उत्तरी हिस्से में स्थित एक महत्वपूर्ण कस्बा है. यह इलाका गुवाहाटी से लगभग 70–75 किलोमीटर दूर है और सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है. प्रशासनिक, शैक्षणिक और कृषि गतिविधियों के कारण मंगलदै दरांग जिले का प्रमुख केंद्र माना जाता है.
भारत की 2011 की जनगणना के अनुसार मंगलदै नगर क्षेत्र की आबादी लगभग 25 हजार के आसपास थी. इसके बाद के वर्षों में जनसंख्या में वृद्धि हुई है. पूरे दरांग जिले की आबादी 2011 में लगभग 9 लाख से अधिक दर्ज की गई थी. यहां असमिया, बंगाली और बोडो समुदाय सहित विभिन्न जातीय और भाषाई समूह निवास करते हैं.
मंगलदै की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है. धान, सरसों और सब्जियों की खेती यहां बड़े पैमाने पर होती है. आसपास के ग्रामीण इलाकों के लिए यह बाजार और व्यापारिक केंद्र का काम करता है. छोटे व्यवसाय, सरकारी दफ्तर और शैक्षणिक संस्थान स्थानीय रोजगार के प्रमुख स्रोत हैं.
यहां कई स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थान मौजूद हैं, जो इसे दरांग जिले का शैक्षणिक हब बनाते हैं. असम की पारंपरिक संस्कृति, बिहू उत्सव और स्थानीय मेलों की झलक मंगलदै में साफ दिखाई देती है.
ब्रह्मपुत्र नदी के नजदीक होने के कारण यह क्षेत्र हर साल बाढ़ की चुनौती का सामना भी करता है. फिर भी, उपजाऊ जमीन और हरियाली इसे प्राकृतिक रूप से समृद्ध बनाती है. मंगलदै प्रशासन, कृषि और संस्कृति के लिहाज से असम के महत्वपूर्ण कस्बों में गिना जाता है.