हेमकुंड साहिब (Hemkund Sahib) भारत के उत्तराखंड राज्य में स्थित एक बेहद पवित्र और मनमोहक तीर्थस्थल है, जिसे सिख धर्म के अनुयायी अत्यंत श्रद्धा के साथ पूजते हैं. समुद्र तल से लगभग 15,200 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह गुरुद्वारा दुनिया के सबसे ऊंचे गुरुद्वारों में से एक माना जाता है. हिमालय की सात भव्य चोटियों के बीच बसे इस स्थान को “हेमकुंड” यानी बर्फ से बना सरोवर कहा जाता है.
सिख परंपरा के अनुसार, हेमकुंड साहिब का उल्लेख दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी के जीवन से जुड़ा हुआ है. कथाओं में बताया जाता है कि यह वही स्थान है, जहां गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपने पूर्व जन्म में तपस्या की थी. इसी वजह से यह स्थान सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता ही नहीं, बल्कि अध्यात्म और आस्था का भी केंद्र माना जाता है.
हेमकुंड साहिब जाने का रास्ता हरिद्वार, ऋषिकेश या गोविंदघाट से शुरू होता है. गोविंदघाट से 14 किलोमीटर की कठिन लेकिन रोमांचक ट्रेकिंग के बाद यात्री इस पवित्र स्थल तक पहुंचते हैं. रास्ते में ऊंचे पहाड़, झरने, नदियां और हरी-भरी घाटियां यात्रियों को आकर्षित करती हैं. ट्रेक के दौरान प्राकृतिक सौंदर्य और शांत वातावरण मन को एक अलग ही अनुभूति देते हैं.
गुरुद्वारा परिसर के पास स्थित साफ, ठंडा और पारदर्शी हेमकुंड झील इस स्थल की सबसे विशिष्ट विशेषताओं में से एक है. आस-पास फैली बर्फ, सफेदी से ढके पहाड़ और झील की शांति यहां आने वाले हर व्यक्ति को आध्यात्मिक सुकून प्रदान करती है.
हेमकुंड साहिब आमतौर पर मई के अंतिम सप्ताह से अक्टूबर तक खुला रहता है, क्योंकि सर्दियों में यहां भारी बर्फबारी होती है. यह स्थान न केवल सिख श्रद्धालुओं के लिए, बल्कि प्रकृति प्रेमियों और ट्रैकिंग के शौकीनों के लिए भी एक अद्भुत अनुभव प्रदान करता है.
उत्तराखंड के नागरासू गुरुद्वारे से कई दिनों के बाद निहंग सिख हट गए, लेकिन बिना कार्रवाई मामले के खत्म होने पर पुलिस और प्रशासन सवालों के घेरे में है.
रुद्रप्रयाग के नगरासू स्थित गुरुद्वारे को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहे विवाद के बीच प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है. पुलिस और जिला प्रशासन का कहना है कि गुरुद्वारे में किसी प्रकार का कब्जा नहीं हुआ है और न ही किसी को बंधक बनाया गया है. हेमकुंड साहिब और चारधाम यात्रा पूरी तरह सुरक्षित एवं सुचारू रूप से जारी है.
हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर स्थित नागरासू गुरुद्वारे में निहंग यात्रियों और सेवादारों के बीच विवाद के बाद तनाव बना हुआ है. गुरुद्वारे की छत पर चढ़े सात निहंगों में से दो नीचे उतर चुके हैं, जबकि प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लगातार बातचीत के जरिए समाधान निकालने में जुटी हैं. एहतियातन इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं.
सिखों के पवित्र तीर्थ स्थल श्री हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई को खुलने जा रहे हैं. भारतीय सेना के जवान 15,210 फीट की ऊंचाई पर स्थित हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग के 3 किलोमीटर के दायरे में ग्लेशियर को काटकर रास्ता बनाने का काम कर रहे हैं.