गढ़मुक्तेश्वर में स्थित “गढ़ गंगा” (Garh Ganga) गंगा नदी का एक प्रसिद्ध घाट क्षेत्र है, जो धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. यह स्थान उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में पड़ता है और दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए एक प्रमुख तीर्थ स्थल है. गढ़ गंगा का महत्व मुख्य रूप से इसकी आस्था से जुड़ा हुआ है. यहां हर साल लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान करने आते हैं, खासकर कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर. इस दिन यहां विशाल मेला लगता है, जिसे गढ़ गंगा मेला कहा जाता है.
इस क्षेत्र का ऐतिहासिक महत्व भी काफी पुराना है. कहा जाता है कि यहां प्राचीन समय में ऋषि-मुनि तपस्या करते थे और यह स्थान आध्यात्मिक साधना का केंद्र रहा है. गढ़मुक्तेश्वर में स्थित प्राचीन मंदिर और घाट इसकी ऐतिहासिक पहचान को और मजबूत बनाते हैं.
प्राकृतिक रूप से भी गढ़ गंगा का वातावरण काफी शांत और सुंदर होता है. यहां गंगा नदी का बहाव अपेक्षाकृत साफ और विस्तृत दिखाई देता है, जो पर्यटकों को आकर्षित करता है. लोग यहां पिकनिक, घूमने और धार्मिक कार्यों के लिए आते हैं.
बृजघाट में गंगा स्नान के दौरान चार युवक अचानक गहरे पानी में डूबने लगे. घाट पर चीख-पुकार मच गई, जिसके बाद गोताखोरों ने जान जोखिम में डालकर सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला. एक युवक की हालत गंभीर होने पर उसे मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. पुलिस ने श्रद्धालुओं से गहरे पानी से दूर रहने की अपील की है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदोई में गंगा एक्सप्रेस वे का उद्घाटन किया, जो मेरठ से प्रयागराज तक लगभग 594 किलोमीटर लंबा है और यात्रा समय को 6 घंटे तक कम करेगा. यह एक्सप्रेस वे पूर्व और पश्चिम यूपी को जोड़ते हुए धार्मिक स्थलों जैसे गढ़मुक्तेश्वर, कल्कि धाम, बेल्हा देवी धाम, चंद्रिका देवी शक्ति पीठ और त्रिवेणी संगम तक पहुंच को आसान बनाएगा.