चाड (Chad) अफ्रीका के मध्य भाग में स्थित एक देश है. इस देश का कोई समुद्री किनारा नहीं है. इसके उत्तर में लीबिया, पूर्व में सूडान, दक्षिण में मध्य अफ्रीकी गणराज्य, दक्षिण-पश्चिम में कैमरून और नाइजीरिया, तथा पश्चिम में नाइजर स्थित हैं. चाड की आबादी करीब 1.9 करोड़ है, जिसमें लगभग 16 लाख लोग इसकी राजधानी न'दजामेना में रहते हैं. क्षेत्रफल के हिसाब से यह अफ्रीका का पांचवां सबसे बड़ा देश है.
चाड की भौगोलिक बनावट काफी अलग-अलग तरह की है. उत्तर में विशाल सहारा रेगिस्तान फैला हुआ है, बीच में साहेल नाम का सूखा इलाका है और दक्षिण में उपजाऊ सवाना क्षेत्र है, जहां खेती अच्छी होती है. लेक चाड, जिसके नाम पर इस देश का नाम पड़ा, अफ्रीका का दूसरा सबसे बड़ा वेटलैंड माना जाता है.
यहां की आधिकारिक भाषाएं अरबी और फ्रेंच हैं, लेकिन ज्यादातर सरकारी कामकाज फ्रेंच में होता है. चाड में 200 से ज्यादा अलग-अलग जातीय और भाषाई समूह रहते हैं. धर्म की बात करें तो यहां लगभग 55% लोग इस्लाम और 41% लोग ईसाई धर्म का पालन करते हैं.
इतिहास की बात करें तो बहुत पुराने समय से यहां लोग आकर बसते रहे हैं. समय के साथ यहां कई छोटे-बड़े साम्राज्य बने और खत्म हुए, जो सहारा के व्यापारिक रास्तों को नियंत्रित करते थे. 1920 तक फ्रांस ने इस क्षेत्र पर कब्जा कर लिया और इसे अपनी कॉलोनी बना लिया. 1960 में चाड को आजादी मिली, जिसके पहले राष्ट्रपति फ्रांस्वा टोम्बलबाय (François Tombalbaye) बने.
आजादी के बाद देश में राजनीतिक अस्थिरता और गृहयुद्ध शुरू हो गया, जो कई सालों तक चला.. बाद में हिसेन हाब्रे और फिर इदरीस डेबी सत्ता में आए. 2021 में इदरीस डेबी की मौत के बाद उनके बेटे महामत डेबी (Mahamat Déby) ने सत्ता संभाली.
आज भी चाड दुनिया के सबसे गरीब और कम विकसित देशों में गिना जाता है. यहां के ज्यादातर लोग खेती और पशुपालन पर निर्भर हैं. 2003 के बाद से कच्चा तेल यहां की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन गया है, लेकिन इसके बावजूद देश में गरीबी, हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई है.
चाड में पानी के कुएं को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया, जिसमें 42 लोगों की मौत हो गई. जल संकट, सूखा और संसाधनों की कमी ने हालात बिगाड़ दिए, जिससे सेना को हस्तक्षेप करना पड़ा.