उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित भीमताल झील (Bhimtal Lake Uttarakhand) कुमाऊं क्षेत्र की सबसे सुंदर और शांत झीलों में से एक है. यह झील समुद्र तल से लगभग 1,370 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और अपने प्राकृतिक सौंदर्य, शांत वातावरण तथा ऐतिहासिक महत्व के लिए जानी जाती है. नैनीताल से लगभग 22 किलोमीटर दूर स्थित यह स्थान पर्यटकों के साथ-साथ प्रकृति प्रेमियों के लिए भी खास आकर्षण है.
भीमताल झील का नाम महाभारत के वीर पात्र भीम के नाम पर पड़ा माना जाता है. मान्यता है कि वनवास के दौरान भीम ने यहां विश्राम किया था और पास ही स्थित भीमेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण भी उनसे जोड़ा जाता है. यह मंदिर आज भी झील के किनारे श्रद्धालुओं का प्रमुख आस्था केंद्र है.
यह झील नैनीताल झील से आकार में बड़ी है और चारों ओर हरियाली से ढकी पहाड़ियों से घिरी हुई है. झील के बीचों-बीच बना छोटा सा द्वीप इसकी सुंदरता को और बढ़ाता है, जहां पहले एक एक्वेरियम हुआ करता था. साफ पानी, ठंडी हवा और शांत माहौल भीमताल को शहरों की भीड़-भाड़ से दूर सुकून भरा पर्यटन स्थल बनाते हैं.
पर्यटक यहां नौकायन (बोटिंग) का भरपूर आनंद ले सकते हैं. इसके अलावा झील के आसपास टहलना, फोटोग्राफी करना और स्थानीय कैफे में बैठकर प्रकृति को निहारना भी लोगों को बेहद पसंद आता है. पक्षी प्रेमियों के लिए भीमताल खास है, क्योंकि यहां कई प्रवासी पक्षी भी देखे जा सकते हैं.
भीमताल झील का मौसम साल भर सुहावना रहता है, लेकिन मार्च से जून और सितंबर से नवंबर का समय घूमने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है. यहां से नजदीकी पर्यटन स्थलों जैसे नौकुचियाताल, सातताल और नैनीताल की यात्रा भी आसानी से की जा सकती है.
Hill Stations Near Delhi: अगर आप दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं और हिल स्टेशनों पर घूमने की सोच रहे हैं इसके लिए बहुत लंबी छुट्टी लेने की जरूरत नहीं है. दिल्ली से कुछ ही घंटों की ड्राइव में कई खूबसूरत हिल स्टेशन पहुंच सकते हैं, जहां परिवार, दोस्तों या पार्टनर के साथ वीकेंड ट्रिप प्लान कर सकते हैं.
कैंची धाम में बाबा नीम करोली महाराज के दर्शन के साथ-साथ नैनीताल जिले की प्राकृतिक सुंदरता का मजा लें. भवाली, भीमताल और मुक्तेश्वर जैसे बेहतरीन स्थलों के बारे में, जो आपकी आध्यात्मिक यात्रा में रोमांच और शांति का तड़का लगा देंगे. अपनी अगली पहाड़ी छुट्टियों को ऐसे यादगार बनाएं.
नैनीताल के पास स्थित घोड़ाखाल मंदिर अपनी अनोखी परंपराओं के लिए वर्ल्ड फेमस है, न्याय के देवता गोल्ज्यू को समर्पित इस मंदिर में भक्त कागज पर अपनी अर्जी लिखकर न्याय मांगते हैं. मुराद पूरी होने पर यहां घंटियां चढ़ाई जाती हैं. फिल्म 'विवाह' की शूटिंग के बाद यह पर्यटकों के बीच और भी लोकप्रिय हो गया है.