गांव में कहीं से एक राक्षस चला आया. उसने ऐलान किया कि वो पूरे गांव को मार कर खा जाएगा. गांव के मुखिया ने व्यवस्था कर दी कि वो पूरे गांव को न खाए. वो एक-एक कर किनारे से गांव के लोगों को उठाए और खाए. राक्षस खुश हो गया. ठीक है. ये व्यवस्था ठीक है. वो रोज़ एक आदमी को मार कर खाएगा. उसकी क्षुधा तृप्त होती रहेगी. मुखिया खुश था कि उसका घर तो गांव के दूसरे छोर पर है. उसका नंबर आते-आते बहुत दिन बीत जाएंगे. मुखिया के इतने सुंदर फैसले को संजय सिन्हा की मां गलत क्यों कह रही है? जानने के लिए देखिए पूरा वीडियो.....