आज संजय सिन्हा दिल्ली के मॉल की कहानी सुना रहे हैं. साथ ही बता रहे हैं कि उनको बाजार जाकर कैसे जीवन का ज्ञान प्राप्त हुआ. संजय सिन्हा ने बताया कि कल पत्नी के साथ मॉल चला गया. छुट्टी का दिन था. घर बैठे-बैठे समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करें, तो हम मॉल चले गए. मॉल में भीड़ थी. कोई कुछ खरीद नहीं रहा था. लोग इस दुकान से उस दुकान में घूम रहे थे. हमारी भी समझ में नहीं आ रहा था कि किस दुकान में जाएं. असल में हमें कुछ खरीदना नहीं था. पहले जब भी हम मॉल जाते, जो चीज़ नई दिखती या सेल पर होती....हम खरीद लेते. ऐसी बहुत सी चीजें हमने खरीदी, जिनकी हमें ज़रूरत नहीं थी. देखिए वीडियो......