संजय सिन्हा आज पालतू कुत्तों के जरिए आत्म अनुशासन की बात कर रहे हैं. अपनी कहानी में वे बता रहे हैं कि कैसे जो पालतू कुत्ता अपने आचरण पर काबू नहीं कर पाता वह हमेशा जंजीरों में बंधा रहता है और इसके उलट जो ऐसा कर ले जाता वह आजाद हो जाता है.