इंसान को अपनी हर गलती की कीमत चुकानी ही पड़ती है. गलती करने वाले को उसकी सजा भुगतनी ही पड़ती है. समय रहते अपने अपराध का प्रायश्चित करना ही बेहतर होता है. संजय सिन्हा से सुनें रिश्तों पर आधारित भारत के घर-घर की एक आम कहानी.