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हर आदमी में रहते हैं दो आदमी...

हर आदमी में रहते हैं दो आदमी...

हर आदमी में दो आदमी रहते हैं, भीतर का आदमी मन है और बाहर का आदमी तन है. हम में से ज्यादातर लोग बाहर के आदमी की परवाह करते हैं. संजय सिन्हा से सुनें तन और मन की कहानी.

sanjay sinha ki kahani on 14th december 2015

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