संजय सिन्हा सुना रहे हैं कि कैसे उनकी मां हमेशा कर्म पर ध्यान देने की बातें किया करती थीं. कैसे वे जब पटना के राजभवन के बाहर बैठा करते तो उसके भीतर जाने की बातें किया करते. कैसे जब वे रामकोविंद जी से बातें कर रहे थे थो रामकोविंद जी इस बात से स्तब्ध थे कि कैसे कोई आभासी दुनिया में भी एक परिवार बना सकता है. कर्म किस तरह हमेशा ही भाग्य के ऊपर रहेंगे. देखें पूरा वीडियो...