कैमरा, स्पीकर और माइक वाला चश्मा कई लोगों को पहने हुए देखा होगा. इस चश्मे का नाम Ray-Ban Meta स्मार्ट ग्लासेस है. अब इस चश्मे को लेकर अमेरिका में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है, जिसके बाद मामला कोर्ट पहुंचा.
कंपनी पर आरोप हैं कि स्मार्ट ग्लासेस द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो और फोटो को ह्यमन कॉन्ट्रैक्टर देखते हैं और उसको एनालाइज करते हैं. इन वीडियो में प्राइवेट मूमेंट आदि तक शामिल हैं.
यह केस बुधवार को सैन फ्रांसिस्को की फेडरल कोर्ट में पहंचा है. मेटा ग्लासेस पर आरोप लगाए हैं उन्होंने डिवाइस की प्राइवेसी फीचर्स के बारे में ऐसे दावे किए जो यूजर्स को धोखा देते हैं.
Meta Glasses को लेकर बड़ा खुलासा
जानकारी के मुताबिक,कुछ दिन पहले ही स्वीडिश न्यूज पेपर ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया कि केन्या में काम करने वाले सब-कॉन्ट्रैक्टर कर्मचारी Ray-Ban Meta स्मार्ट ग्लासेस की रिकॉर्ड की गई फोटो और वीडियो एनालाइज कर रहे थे.
वीडियो लेबलिंग का काम करने वालों ने बताया
एक अन्य रिपोर्ट्स में बताया है कि वीडियो में ऑब्जेक्ट लेबलिंग का काम करने वाले कर्मचारियों ने बताया है कि उन्हें वीडियो एनालाइजिंग के दौरान कई बार प्राइवेट वीडियो भी दिखाई दिए हैं. इनमें बाथरूम में जाने के वीडियो, यौन संबंध वाले वीडियो और अन्य प्राइवेट वीडियो शामिल हैं.
दो लोगों ने मिलकर किया केस
ये केस क्लार्कसन लॉ फर्म ने दायर किया है और इस केस को करने वाले दो लोग हैं, जो कैलिफोर्निया और न्यू जर्सी से संबंध रखते हैं. दोनों ने मेटा स्मार्ट ग्लासेस खरीदे थे.
झूटे मार्केटिंग दावों पर भरोसा
दोनों ने बताया है कि उन्होंने मेटा के प्राइवेसी संबंधी मार्केटिंग दावों पर भरोसा किया था. उन्होंने आगे बताया है कि अगर कंपनी बताती है कि वह फुटेज एनालाइज करने के लिए कॉन्ट्रैक्टर का यूज करती है तो वे लोग इन ग्लासेस को कभी नहीं खरीदते.
AI की मदद से कई सवालों के जवाब
एनगैजेट ने अपनी रिपोर्ट में मेटा प्रवक्ता ने बताया है कि Ray-Ban Meta ग्लासेस AI की मदद से, बिना हाथ लगाए अपने आसपास की दुनिया से जुड़े सवालों के जवाब पाने में मदद करते हैं. हालांकि कंपनी ने कोर्ट केस में लगाए गए आरोपों पर कोई भी कमेंट करने से मना कर दिया है.
जब यूजर्स मेटा AI के साथ शेयर करते हैं डेटा
प्रवक्ता ने आगे बताया है कि मेटा ग्लासेस खुद मीडिया को मेटा या किसी और के साथ साझा नहीं करते, तब तक वह डेटा डिवाइस पर ही रहता है. हालांकि जब यूजर्स Meta AI के साथ कंटेंट शेयर करते हैं, तो बेहतर यूजर्स एक्सपीरियंस देने के लिए कभी-कभी कॉन्ट्रैक्टर मेटा ग्लासेस के डेटा का रिव्यू करते हैं. उन्होंने बताया है कि अन्य कंपनियां भी ऐसा करती हैं.