India Today AI Summit 2026: इंडिया टुडे AI समिट में AIonOS के वाइस चेयरमैन और को फाउंडर सीपी गुरनानी , यूनिफोर एंड CEO उमेश सचदेव और एक्सचेंज (इंडिया) से सौरव कुमार साहू शामिल हुए हैं. इस इवेंट को मॉडरेट बिजनेस टुडे के एडिटर सिद्धार्थ जराबी ने की है.
AIonOS के वाइस चेयरमैन और को फाउंडर सीपी गुरनानी ने अपनी बात गाड़ी और हाईवे का उदाहरण देते हुए शुरू की. उन्होंने कहा कि जब कार बनाते हैं तो उसमें ब्रेक, क्लच और एक्सलिरेट आदि बनाते हैं, ताकि उसे कंट्रोल किया जा सके.
AI को लेकर उन्होंने कहा कि हमें अभी जागने की जरूरत है और राइट गाडरेल्स की जरूरत है. राइट गाडरेल्स का मतलब है किसी काम को सुरक्षित और सही तरीके से करना.
उमेश सचदेव से पूछा गया है कि AI यूज के लिए गाडरेल्स की जरूरत है. उमेश सचदेव ने बताया है कि उनका नजरिया सीपी गुरनानी से अलग है. चीन समेत अमेरिका में लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM), GPU, CPU आदि पर काम चल रहा है और भारत भी इस रेस में है.
सचदेव ने AI गवर्नेंस पर अपनी राय रखते हुए कहा कि AI रेगुलेशन और ओवर रेगुलेशन को लेकर बेहद ही पतली लाइन है. अगर हम इसको गलती से भी ओवर रेगुलेट कर दिया जाता है तो भारी नुकसान उठाने पड़ेगा. भारत ने अगर AI को ओवर रेगुलेट कर दिया है तो यकीन मानिए कि वह चीन और अमेरिका की रेस में काफी पीछे रह जाएगा.
वे मानते हैं कि सुनिश्चित रूप से गार्डरेल्स होनी चाहिए, जिसके लिए उन्होंने अपनी कंपनी का उदाहरण दिया और बताया कि उनकी कंपनी के पास अभी 2500 से और भी बिजनेस चल रहे हैं, उनमें AI का यूज हो रहा है और उनमें भी गार्डरेल्स को फॉलो किया है.
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जब किसी कंपनी में AI का यूज किया जाता है तो उसमें गार्डरेल्स का यूज होना चाहिए. HR डिपार्टमेंट और फाइनेंस डिपार्टमेंट AI का यूज कर रहे हैं तो दोनों में गार्डरेल्स होना चाहिए. उन्होंने बताया है कि AI के खतरों से आम लोगों को जरूर बचाना चाहिए.
साथ ही उन्होंने बताया है कि AI के संदर्भ भारत चीन और अमेरिका का कॉलोनाइजर बन सकता है, जिससे बचाव के लिए जरूर काम करने चाहिए, जो हो भी रहे हैं. ऐसे में AI को ओवर रेगुलेट करने से बड़ी गलती हो सकती है.
सौरव कुमार साहू ने बताया कि जब फ्यूचर गवर्नेंस की बात करें तो वहां पर ह्यूमन को लीडर होना चाहिए, जिसके तहत AI काम करता हो. उन्होंने कहा कि फ्यूचर गवर्नेंस के लिए सबसे परफेक्ट उदाहरण ह्यूम+AI का मंत्र है, जहां कमान इंसान के पास रहे. डेटा AI की नींव है. ऐसे में डेटा के खरीददार भी मार्केट में मौजूद हैं. ऐसे में सेफ्टी के लिए गार्डरेल्स होने चाहिए.
सीपी गुरनानी ने बताया है कि AGI को कहीं भी यूज किया जाए लेकिन उसको रेगुलेट करना चाहिए. साथ ही उन्होंने बताया है सरकार को ऐसा सिस्टम बनाना चाहिए, जिससे किसी शख्स के डेटा का मिसयूज ना किया जाए. उन्होंने कहा कि पब्लिक डोमेन में मौजूद मेरे डेटा का मिसयूज नहीं होना चाहिए. इसके लिए एक फ्रेम वर्क की जरूरत है. सीपी गुरनानी ने बताया है कि मेरा मानना है कि AI को स्मार्टर पॉलिसी और स्मार्टर रेगुलेशन लाने की जरूरत है.
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उमेश ने पॉलिसी और गवर्नेंस को लेकर कहा कि अगर AI पर एक्स्ट्रा प्रेशर डाला गया तो वह भारत को AI रेस में पिछड़ सकता है. यहां गौर करने वाली बात यह है कि भारत के पास वो पावर है, जिससे वह AI की दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा पिलर साबित होगा.
उमेश सचदेव ने आगे कहा कि रेगुलाइज करने की बात आती है तो ये पावर केंद्र सरकार के पास होनी चाहिए. केंद्र सरकार के साथ राज्य सरकार इसको रेगुलाइज करती हैं तो यह AI डेवलपमेंट में बड़ी रुकावट साबित होगा. उनका मानना है कि AI को लेकर सेफ्टी गार्डरेल्स की जरूरत है, लेकिन उसके डेवलपमेंट को रोकना नहीं चाहिए.
सौरव साहू ने उदाहरण देते हुए कि मेरे स्मार्टफोन में बहुत से ऐप्स हैं, जो डेटा एक्सेस करते हैं. मेरे पास एक ऑप्शन होना चाहिए, जिसमें मैं उनसे पूछ सकूं कि वे ऐप्स मेरे फोन से कौन-कौन से डेटा ले रहे हैं और उनका कहां-कहां यूज कर रहे हैं.