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India Today AI Summit 2026: AI के दौर में नौकरी बचाने का मंत्र, रिस्किलिंग, सवाल करना और बदलाव लाना

India Today AI Summit 2026 में एक सेशन हुआ कि AI नौकरी को रिप्लेस कर देगा या ज्यादा नौकरी देगा. इसको लेकर एक्सपर्ट ने अपनी राय दी. इस सेशन में जेटवर्क के सीईओ और को-फाउंडर अमृत आचार्य, डिलॉयट के ग्लोबल AI लीडर नितिन मित्तल, कैशफ्री पेमेंट्स के को-फाउंडर रीजू दत्ता और योटा डाटा सर्विस के सीईओ सुनील गुप्ता शामिल हुए हैं.

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India Today AI Summit 2026 (Photo: ITG)
India Today AI Summit 2026 (Photo: ITG)

India Today AI Summit 2026 : इंडिया टुडे AI समिट के दौरान एक सेशन हुआ कि क्या AI नौकरी निगल लेगा या फिर और नौकरी जनरेट करेगा. इसको लेकर चर्चा में शामिल हुए जेटवर्क के सीईओ और को-फाउंडर अमृत आचार्य, डिलॉयट के ग्लोबल AI लीडर नितिन मित्तल, कैशफ्री पेमेंट्स के को-फाउंडर रीजू दत्ता और योटा डाटा सर्विस के सीईओ सुनील गुप्ता शामिल हुए हैं. नितिन मित्तल ने बताया कि AI के युग में नौकरी बचाना चाहते हैं तो रिस्किलिंग, आस्किंग (सवाल करना) और चेंजेंस  (बदलाव) मंत्र को फॉलो करें. 

सबसे पहले योटा डाटा सर्विस के सीईओ सुनील गुप्ता ने बताया कि आने वाले दिनों में कई टास्क AI करने लगेगा, जिसकी वजह से कुछ सेक्टर में लोगों की जरूरत कम हो जाएगी, लेकिन इंसानों की जरूरत बनी रहेगी. जैसे  

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे UPI ने हमारी जिंदगी को बदल दिया और AI में 50 तरह के UPI है, जो अलग-अलग सेक्टर में काम आएगा. इसमें कृषि से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक शामिल होंगे. इसके साथ नई नौकरी भी जनरेट होंगी. 

जेटवर्क के सीईओ और को-फाउंडर अमृत आचार्य ने कहा कि AI से नौकरियां प्रभावित  होंगी, लेकिन कुल मिलाकर यह हमारे लिए फायदे का सौदा होगा. नौकरियों का नेचर बदलेगा. आने वाले दिनों में कुछ टास्क को ऑटोमेशन में कन्वर्ट किया जा सकेगा. इसके लिए कंपनियों को इंजीनियर आदि की जरूरत पड़ेगी. 

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डिलॉयट के ग्लोबल AI लीडर नितिन मित्तल ने AI को लेकर बताया है कि इसको लेकर बेवजह का भ्रम है. असलियत यह है कि बीते दो साल में AI के चलते 1.3 मिलियन न्यू जॉब्स को शामिल किया गया है, जिसमें प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, डेटा इंजीनियरिंग, स्मार्ट ग्रिड मैनेजर आदि. आने वाले दिनों में नए तरह की ढेरों जॉब्स जनरेट होंगी. मित्तल ने बताया कि AI आने से जॉब प्रोफाइल चेंज होगा. AI के चलते न्यू स्किल को डेवलपमेंट करना होगा. 

कैशफ्री पेमेंट्स के को-फाउंडर रीजू दत्ता ने बताया है कि मैं भी इस बात से सहमत हूं कि AI की वजह से आने वाले दिनों में नौकरी बढ़ेंगी. कस्टमर्स सपोर्ट जैसे टास्क को ऑटोमैटेड किया जाएगा, ऐसे में जो लोग इन कामों में लगे हैं, उनको अपने स्किल को बेहतर करना होगा. हालांकि कि कुछ मामले में AI टास्क को कंप्लीट नहीं कर सकता है, जिसके लिए इंसानों की जरूरत होगी.

सुनील गुप्ता ने कहा कि रिस्किलिंग की ज्यादा जरूरत कंपनियों को भी है. इसको लेकर हर एक कर्मचारी को ये पता होना चाहिए कि AI की मदद से प्रोडक्टिविटी को बेहतर किया जा सकता है. आने वाले दिनों में कर्मचारी AI को असिस्टेंट के रूप में काम करेगा. कुल मिलाकर AI के आने वाले प्रोडक्टिविटी बेहतर होगी.

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सुनील गुप्ता ने बताया है कि AI की वजह से उन लोगों को ज्यादा प्रॉब्लम होगी, जो AI स्किल को एडॉप्ट नहीं कर पाते हैं. इसमें ज्यादातर उन लोगों की संख्या है, जो 50 साल के हो चुके हैं. साथ ही उन्होंने बताया है कि उनकी कंपनी में AI डिविजन में ज्यादातर यंगस्टर्स हैं और वह AI के बेहतर तरीके के एडॉप्ट कर रहे हैं. साथ ही उन्होंने बताया है कि सैलेरी के मामले में यंगस्टर्स आगे हैं. नौकरी बचाने का कारगर तरीका ये है कि AI स्किल सीखें और प्रोडक्टिविटी को बेहतर बनाएं. इससे आपकी नौकरी सुरक्षित रहेगी. 

अमृत आचार्या ने बताया है कि AI बड़े की लोकतंत्र तरीके से काम करता है, जो सीखना चाहता है वो उसको सिखाता है. जो नहीं करना चाहता है वो उसको नहीं सिखाता है. 

आचार्या ने बताया है कि AI की मदद से आप नई-नई चीजों को सीख सकते हैं. मुझे लगता है कि अगर मैं सीख सकता हूं तो कोई भी सीख सकता है. शुरुआत में मुझे लगता था कि मेरा बिजनेस मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ा है, जिसकी वजह से AI सबसे लास्ट तक मेरे बिजनेस में पहुंचेगा. अब मुझे लगता है कि AI से सीखना चाहिए और जो काम वह करता है, उससे वे काम करा लेने चाहिए. कई बार लोगों को डर लगता है कि नया कुछ सीखना पड़ेगा, वो आपको AI वर्ल्ड में पीछे कर सकता है. अब सीखने की ललक होनी चाहिए.

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इवेंट के दौरान श्वेता सिंह के AI अवतार ने भी सवाल किया है. सवाल में कि यंगस्टर्स को कौन से स्किल सीखने चाहिए. नितिन मित्तल ने बताया है कि पहला उत्सुकता होनी चाहिए और दूसरा स्किल एडेप्टिविटी. सभी के अंदर ये स्किल होना चाहिए.    

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सुनील ने कहा कि AI नौकरी निगल जाएगा, इसको लेकर बहुत ज्यादा हाईप बन गया है. आपको पता होना चाहिए कि ज्यादातर कंपनियां रेगुलर बेसिस पर नौकरियों से निकालते थे. अगर AI को लेकर लोगों की नौकरी जा रही है तो AI की वजह से लोगों को नौकरी भी मिलेंगी. 

सुनील गुप्ता ने बताया है कि इस समय जो काम लो हैंगिंग जैसे BPO और बेसिक कोडिंग. वहां पर AI प्रभाव सबसे ज्यादा दिखाई देता है. जो कोडर बिजनेस से जुड़े हैं और बिजनेस बेहतर करने पर काम कर रहे हैं. ऐसे कोडर की नौकरी बनी रहेगी.  सुनील ने कहा कि इंसानों का जो ह्यून एलिमेंट AI आने के बाद भी रहेगा. ऐसे में इंसानों की जरूरत हमेशा बनी रहेगी. 

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