सरकार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) का फैलाव रोकने के लिए सोशल मीडिया की निगरानी कर रही है. गृह मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां आतंकी नेटवर्क के संभावित लक्ष्यों से जुड़ी सोशल मीडिया की गतिविधियों कड़ी नजर रख रही हैं.
गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'आतंकी संगठन अपना प्रचार करने और अपने लिए लड़ने वालों को भर्ती करने के लिए सोशल मीडिया के कई प्लैटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं.'
उनके मुताबिक, 'यह दोहरा काम है- पहला यह कि उन लोगों की सोशल पर नजर रखी जाए जो आतंकी दुष्प्रचार का निशाना बन सकते हैं. साथ ही उन्हें योजनाओं के जरिए मुख्यधारा में शामिल करने के लिए प्रयास किए जाने की जरूरत है'
अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री नजमा हेपतुल्ला ने कहा, 'जिन युवाओं के पास करने को कुछ नहीं है, जो बेरोजगार हैं, वे भटक सकते हैं. हमलोग उन्हें शिक्षित कर हुनरमंद बनाना चाहते हैं ताकि वे अपनी आजीविका की व्यवस्था कर सकें और अपना जीवन बेहतर ढंग से जी सकें.'
सूत्रों के के मुताबिक इस करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के अलावा राज्य सरकारों और उनके पुलिस बलों को प्रयास करने के लिए कहा गया है.