29 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश के नए एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे. यह 594 किमी लंबा सिक्स-लेन एक्सप्रेसवे है. जिसका नाम गंगा एक्सप्रेसवे है.
यह प्रोजेक्ट लगभग ₹36,000 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है. लेकिन अगर आप अभी गूगल मैप्स पर गंगा एक्सप्रेसवे सर्च करेंगे, तो यह आपको नज़र नहीं आएगा और इसका रूट भी सही से नहीं दिखेगा.
आइए जानते हैं कि यह रास्ता क्यों नहीं दिख रहा है और गूगल नए रास्तों को कैसे अपडेट करता है.
गूगल नए रास्तों को अपने मैप्स पर अपडेट करने के लिए कई तरीकों का उपयोग करता है. जैसे कि वह पहले से ही सरकारी एजेंसियों के साथ जुड़ा रहता है.
सरकारी अधिकारी उसे सड़कों से जुड़ी जानकारी देते रहते हैं. ये अधिकारी गूगल को सटीक डिजिटल मैप और कोऑर्डिनेट्स देते हैं. जिससे गूगल आसानी से नए रोड्स को अपने मैप्स में जोड़ पाता है.
दूसरा तरीका है सैटेलाइट फ़ोटो. गूगल लगातार सैटेलाइट इमेजेज़ लेता और अपडेट करता रहता है. जिससे उसे पता चलता है कि नया रोड बन चुका है और उसे मैप्स में जोड़ना चाहिए.
तीसरा तरीका है आपके फ़ोन का GPS. इस तरीके से गूगल को पता चलता है कि किसी खास जगह पर कई लोग लगभग 100 किमी/घंटा की रफ्तार से जा रहे हैं. इससे अंदाज़ा लगाया जाता है कि वहाँ नया रास्ता मौजूद है, और फिर उसे मैप्स में जोड़ दिया जाता है.
लेकिन अभी तक यह अपडेट क्यों नहीं हुआ? गूगल मैप्स यह रास्ता क्यों नहीं दिखा रहा है?
गूगल मैप्स सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए सबसे पहले यह सुनिश्चित करता है कि रास्ते का उद्घाटन हुआ है या नहीं. यह एक अहम और मुख्य मानदंड होता है कि कोई आधिकारिक उद्घाटन हुआ हो, जिससे गूगल को पता चलता है कि इस रोड पर एंट्री और एग्जिट सुरक्षित हैं. इसके बाद ही उस रूट को गूगल मैप्स पर अपडेट किया जाता है.
गांगा एक्सप्रेसवे गूगल मैप्स पर कल यानी 29 अप्रैल से दिखना शुरू हो जाएगा. बैकएंड में इसे पहले ही अपडेट किया जा चुका है, लेकिन इसे कंपनी ऑफिशियल इनॉग्रेशन के पहले मैप्स पर नहीं दिखा सकती है, इसलिए फिलहाल ये मैप पर नहीं दिख रहा है.