खेल मंत्रालय ने गुरुवार को राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं, जिसमें पात्र एथलीटों, कोचों, विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थाओं को स्व-नामांकित करने और कोविड-19 महामारी के कारण लगातार दूसरे वर्ष ऑनलाइन आवेदन करने की अनुमति दी गई है. आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 21 जून है.
मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘महामारी की मौजूदा स्थिति को देखते हुए, इस वर्ष राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के लिए नामांकन ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे.’
इसके मुताबिक, ‘महामारी के कारण पिछले साल खेल मंत्रालय ने पहली बार आवेदकों के स्व-नामांकन की अनुमति दी थी. इस साल भी खिलाड़ियों को खुद से नामांकन की अनुमति होगी. राष्ट्रीय खेल महासंघ भी शीर्ष सम्मान के लिए एथलीटों का नामांकन कर सकेंगे.’
इससे पहले 2019 तक आवेदकों को आवेदन करने में सक्षम होने के लिए सिफारिशों की आवश्यकता थी. पिछले साल हालांकि इस शर्त को हटा दिया गया था, क्योंकि लॉकडाउन के कारण लोगों का कही आना-जाना संभव नहीं था.
पिछले साल ऑनलाइन समारोह में 74 प्राप्तकर्ताओं ने पुरस्कार लिये थे. इस दौरान पुरस्कार राशि में बड़ी बढ़ोतरी करते हुए खेल रत्न पुरस्कार विजेताओं को 25 लाख रुपये, अर्जुन पुरस्कार विजेताओं को 15 लाख रुपये, द्रोणाचार्य (जीवनपर्यंत) 15 लाख रुपये और ध्यानचंद पुरस्कार विजेताओं को 10 लाख रुपये पुरस्कार राशि के तौर पर दिए गए थे.
इसके साथ ही अभूतपूर्व कदम के तहत पिछले साल क्रिकेटर रोहित शर्मा, महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल, पहलवान विनेश फोगाट, पैरालिंपियन मरियप्पन थंगावेलु और टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा को संयुक्त रूप से खेल रत्न से सम्मानित किया गया था.