पाकिस्तान को 1994 का विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाने वाले हॉकी गोलकीपर मंसूर अहमद का निधन हो गया. ओलंपिक में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करने वाले 49 साल के मंसूर पिछले काफी समय से दिल में लगे पेसमेकर और स्टेंट से परेशान थे. उन्होंने हृदय प्रत्यारोपण के लिए भारत से भी संपर्क किया था.
पाकिस्तान के लिए 388 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले इस दिग्गज को 1994 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन के लिए याद किया जाएगा. उन्होंने फाइनल में नीदरलैंड्स के खिलाफ पेनल्टी शूट में गोल का बचाव कर पाकिस्तान को विश्व विजेता बनाया था. इसी साल उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में जर्मनी के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट का बचाव किया था, जिससे पाकिस्तान इसका विजेता बना था.
Pakistan World Cup Winning hockey Star Appeals To Indian Govt For Medical Visa | S... via - Ji your intervention can help save a life.
— Vikrant Gupta (@vikrantgupta73)
पिछले दिनों मंसूर ने एक जारी कर भावुक अपील की थी. उन्होंने कहा था कि भारत के खिलाफ हॉकी मैचों में कई बार उन्होंने भारतीयों के दिल तोड़े हैं और कई बार भारतीय टीम से जीत छीन कर अपने देश पाकिस्तान को विजेता बनाया है, लेकिन वह खेल का हिस्सा था. लेकिन मुझे अपने दिल की सर्जरी के लिए भारत सरकार की मदद चाहिए. भारत सरकार से अपील में मंसूर ने कहा था कि मेडिकल वीजा उनकी जिंदगी बचा सकता है.