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Opinion: विराट कोहली के लिए बेहतरीन मौका

कोहली पहले भी भारत की कप्तानी कर चुके हैं और उनके खाते में जीत का स्कोर बहुत ज्यादा है. उन्होंने 8 वन डे मैचों में भारत की कप्तानी की है और उनमें से 7 जीते हैं. अब फिर एक बार उन्हें भारत के सम्मान की रक्षा करनी है.

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विराट कोहली
विराट कोहली

न्यूजीलैंड से बुरी तरह मात खाने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम में निराशा का माहौल है ही, अब कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी के जख्मी हो जाने की खबर आने के बाद खिलाड़ियों में उत्साह की कमी भी होगी. एशिया कप में अब धोनी नहीं खेलेंगे और उनकी जगह विराट कोहली कप्तानी करेंगे. कोहली पहले भी भारत की कप्तानी कर चुके हैं और उनके खाते में जीत का स्कोर बहुत ज्यादा है. उन्होंने 8 वन डे मैचों में भारत की कप्तानी की है और उनमें से 7 जीते हैं. अब फिर एक बार उन्हें भारत के सम्मान की रक्षा करनी है.

इस बार चीजें उनके पक्ष में उतनी नहीं हैं जितनी तीन देशों की श्रृंखला में थी जिसमें उन्होंने श्रीलंका और वेस्ट इंडीज को हराने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी. इस बार फिर श्रीलंका उनके सामने होगी जो अभी बांग्लादेश में ही क्रिकेट खेल रही है. उन्हें भारत के चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान की टीम से भी दो-दो हाथ करने हैं. उनके पास तेज गेंदबाजों की अच्छी कतार है और कई युवा प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी हैं.

विराट के बारे में कहा जाता है कि बल्लेबाजी के मामले में न केवल तकनीकी रूप से बेहतर खिलाड़ी हैं बल्कि उनके पास शॉट्स की रेंज ज्यादा है. यानी कि वह किसी भी गेंदबाज की गेंदों पर रन बना सकते हैं. और उनकी यह ताकत उन्हें आत्मविश्वास देता है, भारत की टीम अपनी त्रिमूर्ति की विदाई के बाद से पहले जैसी शौर्यवान नहीं दिखती और इसलिए विराट को कुछ ऐसा कर दिखाना होगा कि लोग उन्हें याद रखें. 2015 के पहले भारत की टीम को ऊर्जावान बनाए रखने की जिम्मेदारी उनके भी कंधों पर है. और इसलिए अब हर छोटे-बड़े टूर्नामेंट में जीत मायने रखेगी. इतना ही नहीं वह उन्हें भविष्य के कप्तान के रूप में स्थापित भी करेगी.

विराट में वे बहुत से गुण हैं जो भारत के सबसे आक्रामक कप्तान सौरभ गांगुली में थे. वह उनकी ही तरह फील्ड में आक्रमण करते हैं और चुनौतियों का स्वागत करते हैं. उनमें गजब की ऊर्जा है जो दूसरे खिलाड़ियों को भी प्रोत्साहित करती है. क्रिकेट उनका प्यार है और इसमें वह सिर से पांव तक डूबे हुए हैं. यह नशा ही उन्हें दूसरे खिलाडियों से अलग करता है. उनके अंदर एक आग है जो उन्हें कुछ कर दिखाने को प्रेरित करता है. यह आग उन्हें बुलंदियों पर पहुंचा सकती है लेकिन इसकी कीमत भी उन्हें चुकानी पड़ सकती है जो वीरेन्द्र सहवाग चुका रहे हैं. यहां उन्हें महेन्द्र सिंह धोनी को याद रखना होगा जिन्होंने अपने अंदर की आग को नियंत्रित करके दुनिया जीत ली. उन्हें सचिन को याद करना होगा जो धैर्य और आक्रमण का अद्भुत सम्मिश्रण थे. उनकी बल्लेबाजी काफी हद तक सचिन की तरह है और वह उन्हीं की तरह रिकॉर्ड बनाते जा रहे हैं.

विराट कोहली के लिए यह बेहतरीन मौका है. उन्हें बल्लेबाजी का शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने एक बेहतरीन कप्तान भी साबित करना होगा. पाकिस्तान के खिलाफ एक जीत उनके ग्राफ को ऊपर पहुंचाएगी, बहुत ऊपर.

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